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यूक्रेन में कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी: ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन में किसी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार किया है और कहा है कि अमेरिका एवं उसके सहयोगी, संकट के समाधान के लिए अब भी कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं।

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन में किसी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार किया है और कहा है कि अमेरिका एवं उसके सहयोगी, संकट के समाधान के लिए अब भी कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं।
ओबामा ने कल सैन डिएगो स्थित एनबीसी चैनल के सहयोगी केएनएसडी को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि हम यूक्रेन में किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी कूटनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने जा रहे हैं कि हमारा एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो एक स्पष्ट संदेश भेजता है कि यूक्रेन को अपने भाग्य का फैसला खुद करना चाहिए।
ओबामा ने कहा कि वहां एक बेहतर रास्ता है, लेकिन मेरा मानना है और यहां तक कि यूक्रेन के लोग भी इसे मानेंगे कि हमारे लिए रूस से सैन्य तरीके से निपटना उचित नहीं होगा और यह यहां तक कि यूक्रेन के लिए भी अच्छा नहीं होगा। एक दूसरे स्थानीय चैनल केएसडीके को दिए एक साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि फिलहाल यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई करने के किसी विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें रूस के साथ वास्तविक युद्ध करने की आवश्यकता नहीं है। यूक्रेन के लोग यह नहीं चाहते, कोई भी यह नहीं चाहता। लेकिन हम सिद्धांतिक रूप से यूक्रेन के लोगों के साथ खड़े हैं। ओबामा की यह टिप्पणी तब आई है जब व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा कि संकट के समाधान के लिए अमेरिका का ध्यान अब भी कूटनीति पर केंद्रित है।
जर्मनी ने कहा कि वह रूस के साथ हथियारों का एक बड़ा सौदा निलंबित कर रहा है। इससे ये संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका के यूरोपीय सहयोगी अपनी उर्जा जरूरतों के लिए रूस पर बहुत अधिक निर्भर होने के बावजूद उसके खिलाफ अधिक गंभीर दंडात्मक कदम उठाना चाहते हैं। लेकिन रूस इन कार्रवाइयों के लिए तैयार दिख रहा है। रूस ने अमेरिका को चेतावनी भी दी कि अगर अमेरिका उसके खिलाफ व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगाता है तो रूस भी ‘बहुत सारे’ जवाबी उपाय करेगा।
इससे पहले रूस द्वारा क्रीमिया प्रायद्वीप पर अपनी पकड़ तेज करने के साथ ही रूस समर्थक बलों ने क्रीमिया के दो नौसैन्य शिविरों पर कब्जा कर लिया और यूक्रेन के नौसेना अध्यक्ष को बंदी बना लिया। (एजेंसी)