अलवर: सर्द अंधेरी रात में 2 साल की मासूम से हारी कड़ाके की ठंड

किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के गांव ओदरा में 2 साल की बच्ची के लापता होने का मामला सामने आया था.

अलवर: सर्द अंधेरी रात में 2 साल की मासूम से हारी कड़ाके की ठंड
पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव और खेतों में बच्ची को तलाश करने में जुट गई.

जुगल, अलवर: 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' वाला नजारा सामने आया है, जो जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसे सभी चमत्कार बता रहे हैं. मात्र दो साल की बच्ची वर्षा दोपहर में खेल-खेल में घर से खेत जा पहुंची. वहीं सारी रात पड़ी रही. इतनी कड़ाके की सर्दी में टीशर्ट में होने के बाद भी वो जरा भी बीमार नहीं पड़ी और बच गई. सब इसे ईश्वर का चमत्कार बता रहे हैं.

किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के गांव ओदरा में 2 साल की बच्ची के लापता होने का मामला सामने आया. बच्ची वर्षा के पिता दिनेश मेघवाल ने 15 दिसंबर यानी कल रविवार को थाने में मामला दर्ज करवाया कि मेरी बेटी वर्षा की उम्र दो साल है, जो 4 बजे घर पर खेल रही थी. उसे 4.30 बजे देखा गया तो घर में नहीं मिली. उसे पड़ोस के घरों और खेतों में तलाश किया तो नहीं मिली.

पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव और खेतों में बच्ची को तलाश करने में जुट गई. पूरी रात बीत जाने के बाद भी बच्ची की कोई सूचना नहीं मिली. सुबह होते ही गांव ओदरा की महिलाएं जंगल गईं, जहां उन्हें खेत में बच्ची पड़ी हुई दिखाई दी. महिलाएं बच्ची को उठाकर परिजनों को पास ले आईं और परिजनों ने तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर भर्ती करवा दिया. उसकी जांच के बाद बच्ची की तबीयत सही बताई जा रही है.

दो साल की बच्ची वर्षा को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि टीशर्ट पहने हुए दोपहर से सारी रात सर्दी में खेत में होने में होने के बावजूद भी बच्ची बच गई, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है.

थानाधिकारी अजित सिंह बड़सरा ने बताया कि ओदरा निवासी दिनेश मेघवाल के द्वारा मामला दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने बच्ची की घरों और खेतो में तलाश की. जंगल मे पैंथर की सूचना और मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामलों को लेकर तरह-तरह के मन में ख्याल सामने आए. बच्ची के मिलने की सूचना के बाद थानाधिकारी अजित सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर मासूम बच्ची वर्षा का हाल जाना. वहीं वर्षा की मां प्रेमवती ने अपनी बच्ची को गोदी में भर कर इसे ईश्वर का चमत्कार कहा.