83 साल की उम्र में हासिल की MA की डिग्री, पूरी हुई 61 साल पुरानी ख्वाहिश

सोहन सिंह गिल का कहना है कि उन्हें हमेशा से लगता था कि उनकी पढ़ाई अधूरी है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एम ए इंग्लिश में करने का फैसला किया और 61 साल पुरानी ख्वाहिश पूरी कर ली. 

83 साल की उम्र में हासिल की MA की डिग्री, पूरी हुई 61 साल पुरानी ख्वाहिश
सोहन सिंह गिल के मुताबिक पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती. फोटो Zee News

रमन खोसला/नई दिल्ली: अगर मन के कुछ करने की तमन्ना हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जिला होशियारपुर के रहने वाले गांव दत्ता निवासी सोहन सिंह गिल ने, जिन्होंने 83 साल की उम्र में एमए इंग्लिश की डिग्री हासिल कर सभी को अचंभे में दाल दिया है. सोहन सिंह गिल का कहना है कि उन्हें हमेशा से लगता था कि उनकी पढ़ाई अधूरी है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एम ए इंग्लिश में करने का फैसला किया और 61 साल पुरानी ख्वाहिश पूरी कर ली. 

15 अगस्त 1936 को दत्ता में जन्में सोहन सिंह गिल ने अपनी शिक्षा पंडोरी गंगा सिंह से शुरू कर अपनी दसवीं की शिक्षा महिलपुर से की और फिर खालसा कॉलेज महिलपुर से बीए किया. साल 1958 को अपने कॉलेज के वाईस प्रिंसिपल की अपील पर एमए करने का मन बनाया लेकिन अचानक उनकी शादी हो गई और वो   पत्नी संग विदेश चले गए. 33 साल नौकरी करने के बाद करीब 60 साल बाद वे अपने देश भारत आ गए, लेकिन अपने वाईस प्रिंसिपल की बात उनके मन में कहीं रह गई थी. 

Sohan Singh Gill

साल 2018 में एमए की तैयारी शुरू की और लवली यूनिवर्सटी से डिग्री हासिल की.  सोहन सिंह का एक बेटा है जो विदेश में अपने ने परिवार से साथ रहता है. गिल के मुताबिक वे दोनों पति-पत्नी गांव में अकेले हैं और पेंशन से उनका गुजारा चल जाता है. सोहन सिंह गिल के मुताबिक पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती उनकी इच्छा वो अपनी एजुकेशन पूरी करें और उन्होंने इसे पूरे 67% अंक के साथ हासिल भी किया.