यहां इंसान का नहीं भैंस का अपहरण कर मांगते थे लाखों की फिरौती, जानिए कैसे हुआ खुलासा

इंसान के अपहरण होने पर फिरौती मांगी जाती है लेकिन क्या किसी जानवर के अपहरण करने पर भी फिरौती ली जाती है. ये आपने सुना है? 

यहां इंसान का नहीं भैंस का अपहरण कर मांगते थे लाखों की फिरौती, जानिए कैसे हुआ खुलासा
फाइल फोटो

शाजापुर/मनोज जैन: मध्यप्रदेश के शाजापुर जिला मुख्यालय पर एक अजीब मामला सामने आया है. इंसान के अपहरण होने पर फिरौती मांगी जाती है लेकिन क्या किसी जानवर के अपहरण करने पर भी फिरौती ली जाती है. जिले में एक बहुत बड़ा गिरोह सक्रिय है जो महंगी भैंसों की चोरी कर फिरौती लेता है. इस गिरोह की जानकारी पुलिस को भी है लेकिन पुलिस इनके सामने असहाय नजर आती है. शाजापुर के मुरादपुरा इलाके में स्थित एक महिला के फार्म हाउस से भैंसे चोरी की फिर दलालों के माध्यम से तोडी (फिरोती की रकम) लेकर भैंसे छोड़ दी गई.

बाद में दलालों के माध्यम से सूचना देकर फिर से महिला के फार्म हाउस से भैंसे चुरा ले गए. फार्म हाउस मालकिन के पास दलालों की पुरी आडियो रेकार्डिंग है जो पुलिस को उपलब्ध करवाई गई इसके बाद भी शाजापुर पुलिस असहाय नजर आ रही है. शाजापुर के हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी अंगुरबाला हाड़ा का मुरादपुरा में डेरी फार्म हाउस है.

पिछले वर्ष 25-26 जून 2018 की रात उनके फार्म हाउस से चोरों ने मुर्रा नस्ल की 5 भैंसे और वहां रखा सामान चुरा लिया था. उन्होंने इसका आवेदन 27 जून को थाने में दिया था. इस बीच उनसे दलालों ने संपर्क किया, जिसमें उनके घर हाउसिंग बोर्ड कालोनी के पास ही रहने वाला संजय सिसौदिया था. उसके बताए अनुसार महेश डेरी पर जहां महिला अपनी डेरी फार्म का दूध देती थी वहां के कर्मचारी प्रभुलाल गुर्जर से संपर्क किया गया.

बातचीत के बाद 29 जून को संजय के घर पर उनसे 1 लाख 35 हजार रूपए लिए गए और उसी रात को शाजापुर के करेडी नाका पर उन्हे उनकी पांचों भैंसे वापस लाकर दे दी गई. इसके बाद 13 मार्च 2019 को श्रीमती हाड़ा को संजय ने मोबाईल पर सूचना दी की आपकी भैंसे कभी भी चोरी हो सकती है .उसने यह भी बताया कि प्रभु आया था और कह रहा था कि दो-चार बार पहले भी चोरों ने यह बात कही है मैंने उन्हे समझाया पर नहीं मान रहे हैं.

इसके बाद हाल ही में 27-28 जून की रात फार्म हाउस से मुर्रा नस्ल की 04 भैंसे चोर चुरा ले गए .इनमें से एक भैंस जख्मी हालत में फार्म हाउस से एक डेढ किलोमीटर दूर पिलिया खाल के पास जख्मी हालत में मिली,जिसके पैरों में गंभीर चोंट है जिसे बमुश्किल फार्म हाउस तक लाया गया है. भैंस मालकिन हाड़ा के अनुसार घटना के बाद प्रभु गुर्जर को मोबाईल पर संपर्क करने पर उसका कहना था कि मैंने पहले ही आपको खबर कर दी थी.

उससे हुई बातचीत की रिकार्डिंग करते हुए जब कहा गया कि मुझे मेरी भैंस लाकर दे दो नहीं तो रिकार्डिंग पुलिस को दूंगी . भैंस मालकिन द्वारा दलालों के माध्यम से एक बार फिर से फिरौती मांगे जाने से परेशान होकर पुलिस की शरण ली और शाजापुर कोतवाली थाने में 28 जून 2019 को भैंस चोरी का मामला भादंवि की धारा 457,380 में दर्ज करवाया.

मामला दर्ज होने पर पुलिस को दी गई मोबाइल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने दोनों दलालों को शंका के आधार पर उठाया था. दलाल संजय को दुसरे दिन छोड़ दिया गया. दलाल प्रभु को तीन दिन बाद छोड़ा गया. दोनों दलालों ने मामले को स्वीकार भी किया है. इसके बावजूद डेरी फार्म हाउस मालकिन की भैंसे पुलिस बरामद करने में असफल रहीं है.

भैंस मालकिन द्वारा पुलिस को शिकायत करने के बाद अभी तक महिला को भैंसे नहीं मिली है. महिला ने परेशान होकर आईजी उज्जैन को भी शिकायत की है लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली है. चोर फार्म हाउस में लगे सीसी टीवी कैमरे और पुरा सिस्टम भी निकाल कर ले गए .इसके साथ एक एलईडी भी ले गए.

पुलिस ने फार्म हाउस के पास मुरादपुरा हनुमान मंदिर के सीसीटीवी देखना भी वाजिब नहीं समझा .घटना दिनांक से आज तक पुलिस घटना स्थल पर ही नहीं गई. मौका मुआयना,पंचनामा,नक्शा जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई और नहीं महिला के बयान दर्ज किए गए. महिला का कहना है अच्छा होता पुलिस की बजाय में चोरों को फिर से रकम दे देती और भैंसे वापस ले लेती.