ज्योतिषी की बात मान ड्राइवर ने नहीं चलाई बस, लंबे इंतजार के बाद सवारियों ने मचाया शोर तो...

आपने तमाम राजनेताओें के ज्योतिषी के सलाह के अनुसार चुनाव के लिए नामांकन कराने या शपथ लेने के बारे में तो सुना होगा. लेकिन बेंगलुरू में एक ऐसा वाक्या सामने आया जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे.

ज्योतिषी की बात मान ड्राइवर ने नहीं चलाई बस, लंबे इंतजार के बाद सवारियों ने मचाया शोर तो...

आपने तमाम राजनेताओें के ज्योतिषी के सलाह के अनुसार चुनाव के लिए नामांकन कराने या शपथ लेने के बारे में तो सुना होगा. लेकिन बेंगलुरू में एक ऐसा वाक्या सामने आया जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. यहां एक ड्राइवर ज्योतिषी की सलाह पर बस को सवा घंटे तक डिपो में लेकर खड़ा रहा. ड्राइवर के ऐसा करने से अपने गंतव्य को जाने वाले यात्रियों को देर हो गई. ड्राइवर के ऐसा करने पर जब अधिकारियों ने उससे जवाब मांग तो उसने बताया कि ज्योतिषी की सलाह पर ही उसने ऐसा किया था.

15 लोगों की जान जाने का खतरा
ड्राइवर ने बताया कि एक ज्योतिषी ने कहा था कि सही समय पर डिपो से बस लेकर चलने पर रास्ते में बस हादसे का शिकार हो जाएगी और इसमें 15 लोगों की जान जा सकती है. बेंगलुरु मिरर में प्रकाशित खबर के अनुसार बेंगलुरू महानगर परिवहन निगम (BMTC) के बस ड्राइवर योगेश गौड़ा की मंगलवार को रूट नंबर 45जे पर ड्यूटी लगाई गई. इस दौरान योगेश को सुबह 6.15 बजे मैजिस्टिक बस स्टेशन तक जाने वाली बस को लेकर जाना था.

6.15 की बजाय 7.25 पर रवाना हुआ
अधिकारियों के अनुसार योगेश तय समय 6.15 पर बस को लेकर नहीं गया और बस को डिपो में ही खड़े रखा. देर होने पर कई यात्रियों ने आला अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की, लेकिन योगेश बस को करीब सवा घंटे देर से 7.25 बजे लेकर रवाना हुआ. इस बारे में जब अधिकारियों ने योगेश से जवाब मांगा तो उसने बताया कि ज्योतिषी की सलाह पर उसने ऐसा किया.

योगेश ने अधिकारियों को बताया कि उसकी 31 अगस्त को एक ज्योतिषी से मुलाकात हुई. इस दौरान ज्योतिषी ने उससे कहा कि यदि वह तय समय पर बस को डिपो से लेकर निकलेगा तो राहु काल के प्रभाव से बस में सवार 15 लोगों की मौत हो जाएगी. योगेश ने कहा कि उसने बीएमटीसी को नुकसान पहुंचने से ज्यादा यात्रियों की जान बचाना ज्यादा जरूरी समझा. इसलिए ही उसने बस को चलाने में देरी.

योगेश ने बताया कि बस का समय सुबह 6.35 मिनट पर था और उसने 7.25 मिनट पर इसे डिपो से निकालकर ड्यूटी की शुरुआत की. उसके मुताबिक वह बस को 50 मिनट देर से लेकर डिपो से निकला. इस मामले में विभागीय अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि योगेश के बस को तय समय से नहीं चलाने से यात्रियों को परेशानी हुई. दूसरी तरफ कम फेरे लगने के कारण निगम की कम इनकम हुई. इस सबके बीच योगेश का कहना है कि निगम यात्रियों और बस के सुरक्षा के लिए पूजा कराता है, मैंने भी ज्योतिष पर विश्वास कर बस चलाने में देरी की.