यहां किसान बिजली का बिल नहीं भरते उल्टे बिजली बेचकर कमाते हैं मुनाफा

वड़ोदरा के किसान सोलर पैनल से बिजली बनाकर अपने खेतों में सिंचाई करते हैं और बिजली कंपनी को बेचकर मुनाफा कमाते हैं.

यहां किसान बिजली का बिल नहीं भरते उल्टे बिजली बेचकर कमाते हैं मुनाफा
गुजरात में किसान सोलर पैनल से बिजली बनाकर मुनाफा कमाते हैं.

वड़ोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पूरे भारत में डिजिटल युग का आरम्भ करने की कोशिश में लगे हुए हैं. इस डिजिटल युग का फायदा किसानों (Farmers) को भी हो रहा है. खासकर साल 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गयी सूर्य किरण योजना (SKY) जिसके तहत भारत में ज्यादा से ज्यादा सोलर ऊर्जा का उपयोग करने का प्रावधान है और इसके लिए किसानों को एक खास रियायत दी जाती है.

आपको बता दें कि एक सोलर प्लांट लगाने के लिए 10 लाख रूपये का खर्च आता है लेकिन गुजरात सरकार और केंद्र सरकार द्वारा SKY के तहत सोलर सिस्टम लगाने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. किसान को सोलर प्लांट लगाने के लिए पहले केवल 60 हजार रूपये का भुगतान करना होता है और 3 लाख रूपये बाकी पैसे किश्तों के माध्यम से देना होता है. जो तीन लाख रूपये किसानों को देने पड़ते है वो भी ऐसा नहीं की ये रकम किसानों के जेब से जाती है बल्कि ये पैसे किसान सोलर पैनल से बिजली बनाकर बिजली कंपनियों बेचकर देते हैं.

इस योजना का अगर सबसे बढ़िया और ज्यादा फायदा उठाया है तो वो है गुजरात के किसान. गुजरात के वड़ोदरा जिले में स्थित है शीना तालुका जहां के मोटा-फालिया गांव के किसानों ने SKY के अंतर्गत अपने कुंओं को सोलर कुंओं में बदल दिया है और सोलर प्लांट लगाकर बिजली जनरेट करते हैं. यहां अपनी फसल को सींचते हैं. एक समय ऐसा भी था जब इन किसानों को अपनी फसल को सिंचाई के लिए बिजली का लंबा इंतजार करना पड़ता था.

इस SKY के अंतर्गत लगे सोलर सिस्टम इंटरनेट के जरिए डेढ़ सौ किलोमीटर दूर गांधीनगर से कनेक्टेड हैं. ये वहां कंपनी में जानकारी देता है कि किसानों ने कितने यूनिट बिजली का उत्पादन किया है. सोलर सिस्टम से हर महीने लगभग 4000 वाट बिजली का उत्पादन होता है और खेत में सिंचाई करने में 2500 वाट का खर्च आता है. सिंचाई के बाद बचे 1500 वाट बिजली को एमजीवीसीएल को 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचकर किसान डबल मुनाफा कमा रहे हैं.