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खुद ही वापस लौट आया बाड़ फांदकर भागा तेंदुआ, तीन दिन बाद खुला बंगाल सफारी

बंगाल सफारी ने ड्रोन के जरिए भी सचिन की तलाश की. वहीं वन्य प्राण इकाई के 6-6 स्कवाड और 4-4 कुनकी की टीम लगा रखी थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

खुद ही वापस लौट आया बाड़ फांदकर भागा तेंदुआ, तीन दिन बाद खुला बंगाल सफारी

सिलीगुड़ीः बीती 1 जनवरी को बाड़ से भागे तेंदुए के 4 जनवरी को खुद ही वापस आ जाने से बंगाल सफारी ने आज राहत की सांस ली. बता दें बाड़ से भागे तेंदुए (सचिन) के चलते बंगाल सफारी प्रशासन काफी परेशान चल रहा था, सचिन के न मिलने पर रिजर्व बैंक में रखे 'सौरभ' को बाड़ में छोड़कर पर्यटकों के लिए नार्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल पार्क बंगाल सफारी खोला गया, लेकिन अन्य वन्य प्राणियों और पर्यटकों की सेफ्टी को लेकर सफारी प्रशासन काफी परेशान चल रहा था. जिसके चलते बंगाल सफारी ने ड्रोन के जरिए भी सचिन की तलाश की. वहीं वन्य प्राण इकाई के 6-6 स्कवाड और 4-4 कुनकी की टीम लगा रखी थी, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ.

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इस दौरान लोगों की सेफ्टी को देखते हुए पर्यटकों को पैदल घूमने देने की मनाही थी. पर्यटकों को शीशा बंद गाड़ियों से ही सफारी देखने की इजाजत दी गई. वहीं वन विभाग ने कभी पंजों के निशान के जरिए तो कभी स्कवाड टीम के जरिए तेंदुए की तलाश करनी चाही, लेकिन विभाग तेंदुए को ढूंढ़ पाने में नाकाम रही. वहीं सफारी कर्मियों ने बताया की शाम को लगभग 5 बजे तक सचिन अपने एंक्लोजर एरिया में ही है और पर्यटकों के देखने के बाद वह अपने नाइट शेल्टर में घुस गया, लेकिन अचानक ही पता चलता है कि सचिन अपने शेल्टर में नहीं है, जिसके बाद सचिन की तलाश शुरू की गई.

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तेंदुए के भागने और खुद ही वापस आने के बारे में जानकारी देते हुए बंगाल सफारी के निदेशक राजेंद्र जाखड़ ने बताया कि 'सचिन नाम का तेंदुआ बीते 1 जनवरी को अपने बाड़े से फरार हो गया था, जिसे पिछले 80 घंटों से ढूंढा जा रहा था, लेकिन वह नहीं मिला. ऐसे में उसके वापस आने के लिए हमने लेपर्ड सफारी एंक्लोजर का गेट भी खुला छोड़ रखा था. जिसके बाद 4 जनवरी को वह खुद ही लौट आया और अपने बाड़े में ही खुद ही चला गया. उसके शरीर पर कुछ चोटें भी हैं, जिनका इलाज जारी है और वह लगभग ठीक होने की कगार पर है.'