close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

नो प्लास्टिक मिशन: इन दो लड़कों ने तैयार की प्लास्टिक बोतलों से टी-शर्ट, कमा रहे नाम

रायपुर के दो युवाओं ने अपने अनोखे स्टार्टअप के जरिए इसका बेहद शानदार विकल्प तैयार किया है, जिससे ना सिर्फ प्लास्टिक इस्तेमाल रोककर नो प्लास्टिक मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

नो प्लास्टिक मिशन: इन दो लड़कों ने तैयार की प्लास्टिक बोतलों से टी-शर्ट, कमा रहे नाम
फाइल फोटो

रायपुर: सिंगल यूज प्लास्टिक खत्म करने के लिए जरूरी है कि इसका विकल्प तैयार किया है. रायपुर के दो युवाओं ने अपने अनोखे स्टार्टअप के जरिए इसका बेहद शानदार विकल्प तैयार किया है, जिससे ना सिर्फ प्लास्टिक इस्तेमाल रोककर नो प्लास्टिक मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. सबसे पहले बात सिंगल यूज प्लास्टिक से तैयार होने वाले टीशर्ट की. अधीश ठाकुर अपने स्टार्टअप के जरिए प्लास्टिक की बोतलों से टीशर्ट तैयार करते हैं, एक टीशर्ट को तैयार करने में 8-10 वेस्ट प्लास्टिक के बोतलों की जरूरत पड़ती है.

अधीश अपनी पत्नी नीलिमा के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. इसके लिए दोनों ने पहले रीसाइकल्ड पॉलीएस्टर पर रिसर्च की, फिर चेन्नई में रीसाइक्लिंग स्टैंडर्ड की मदद से पॉलीएस्टर से टी-शर्ट तैयार की. ये टी-शर्ट किसी भी आम टी-शर्ट की तरह ही होते हैं जिसे अलग-अलग रंग और डिजाइन में तैयार किया जा सकता है.

देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, इस्तेमाल करने पर लगेगा 'बड़ा जुर्माना'

यह वीडियो भी देखें:

वहीं गौरव आहूजा प्लास्टिक के बजाय सुपाड़ी की छाल से डिस्पोजेबल कप, प्लेटें और थालियां तैयार कर रहे हैं. प्लास्टिक से तैयार की जाने डिस्पोजेबल थाली सेहत और पर्यावरण दोनों के लिहाज से खराब है. साथ गाय या कोई और मवेशी इसे खाकर बीमार पड़ जाते हैं, लेकिन सुपाड़ी की छाल से तैयार थाली ऐसी हैं कि मवेशी भी खा सकते हैं, वहीं फेंके जाने के तीस दिन में खाद में बदल जाती है.