कोरोना के दौरान अब इस नए वायरस का मंडरा रहा खतरा, चीन ने किया आगाह

शोधकर्ताओं ने बताया कि सुअर पालन का काम करने वाले मजदूरों के खून में ये वायरस काफी ज्यादा मिला है. 

कोरोना के दौरान अब इस नए वायरस का मंडरा रहा खतरा, चीन ने किया आगाह
फाइल फोटो

शंघाई: वुहान से फैले कोरोना वायरस के बाद चीन में अब एक नए खतरनाक वायरस ने हड़कंप मचा दिया है. एक स्टडी के मुताबिक चीन (China) में सुअरों में पाया जाने वाला ये नया फ्लू वायरस इंसानों के लिए ज्यादा संक्रामक हो गया है, जिस पर बारीकी से नजर रखे जाने पर जोर दिया गया है क्योंकि ये एक 'महामारी वायरस' साबित हो सकता है. हालांकि जानकारों का मानना है कि इससे अभी कोई तुरंत खतरा नहीं है.

शोधकर्ताओं ने बताया कि सुअर पालन का काम करने वाले मजदूरों के खून में ये वायरस काफी ज्यादा मिला है. उन्होंने इंसानों में इस वायरस की निगरानी पर जोर दिया, खास तौर पर सुअर पालन इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों पर इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने की बात कही. 

स्टडी में इस वायरस के खतरे के बारे में बताया गया है, जोकि विशेष रूप से चीन में घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों में फैल सकता है. खेतों, पशुपालन केंद्रों, बूचड़खानों और मांस-मछली बाजार के करीब रहने वालों को ज्यादा खतरा है. 

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दुनियाभर में COVID-19 महामारी फैलाने वाले कोरोना वायरस के बारे में माना जाता है कि ये दक्षिण पश्चिम चीन में घोड़े की नाल जैसी उभाड़ वाली नाक वाले चमगादड़ में पैदा हुआ, और वुहान में एक सीफूड मार्केट के जरिए इंसानों में फैल गया, जहां इस वायरस की सबसे पहले पहचान हुई थी.

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स्टडी में बताया गया है कि सुअरों को महामारी इंफ्लूएंजा वायरस की उत्पत्ति के लिए महत्वपूर्ण 'मिक्सिंग वेसल्स' माना जाता है और इस समस्या की 'कारगर निगरानी' की मांग उठाई गई है.

'मिक्सिंग वेसल' उस जानवर को कहते हैं जो एक समय में एक से ज्यादा इंफ्लूएंजा वायरस से संक्रमित होता है और जिसमें वायरस के जीन्स आपस में मिलकर एक खतरनाक रूप बना लेते हैं.

चीन ने 2009 में पक्षियों के H1N1 के फैलने के बाद कार्रवाई करते हुए प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया था और हजारों लोगों को क्वारंटीन में रखा था.

स्टडी में नए वायरस की पहचान 2009 के H1N1 के एक प्रकार और कभी सुअरों में पाए जाने वाले फ्लू वायरस के  के तौर पर की गई है.