DNA ANALYSIS: पाकिस्तान ने खुद ही लिख डाली आतंकी मसूद अजहर के लापता होने की स्क्रिप्ट

पाकिस्तान दुनिया के सामने आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के गायब होने का झूठ फैला रहा है. पाकिस्तान को आतंकवादी मसूद अजहर के बारे में सबकुछ पता है लेकिन फिर भी वो ये कह रहा है कि मसूद अजहर लापता है. अब सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान ऐसा क्यों कह रहा है? 

DNA ANALYSIS: पाकिस्तान ने खुद ही लिख डाली आतंकी मसूद अजहर के लापता होने की स्क्रिप्ट

पाकिस्तान दुनिया के सामने आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के गायब होने का झूठ फैला रहा है. पाकिस्तान को आतंकवादी मसूद अजहर के बारे में सबकुछ पता है लेकिन फिर भी वो ये कह रहा है कि मसूद अजहर लापता है. अब सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान ऐसा क्यों कह रहा है? अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिस देश के पास कूटनीतिक शक्ति की कमी होती है अक्सर वो छल का सहारा लेता है और पाकिस्तान ऐसा ही एक देश है. भारत की कोशिशों के बाद मई 2019 में 51 वर्ष के आतंकवादी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया था और इसके 10 महीने बाद ही मसूद अजहर लापता हो गया है.

वर्ष 1999 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक करके मसूद अजहर को छुड़ा लिया था और लगभग 21 वर्षों से आतंकवादी मसूद अजहर पाकिस्तान में रहकर लगातार भारत पर आतंकी हमले की साजिश कर रहा है. और इन्हीं हमलों की वजह से मसूद अजहर को पाकिस्तान की सेना और नेता दोनों ही सम्मान और सुरक्षा देते हैं.पाकिस्तान में ये आतंकवादी एक सेलिब्रिटी की तरह मशहूर है और मसूद अजहर को पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा जानता है. इसलिए मसूद अजहर के गायब होने का पाकिस्तान का दावा एक बड़ा झूठ है और Zee News पाकिस्तान की ये कोशिश सफल नहीं होने देगा.

अब आप पूरी खबर को समझिए. इस हफ्ते फ्रांस की राजधानी पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) यानी FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान ने मसूद अजहर और उसके परिवार के लापता होने का दावा किया है. FATF की ये बैठक 16 फरवरी को शुरु हुई है और ये 21 फरवरी तक चलेगी. FATF दुनियाभर में टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों पर नजर रखती है. और ये तय करती है कि कोई देश आतंकी गतिविधियों को रोकने की कोशिश कर रहा है या नहीं.अगर कोई देश ऐसा नहीं कर पाता है तो FATF उसपर प्रतिबंध भी लगा सकता है.

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करके नए प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं. FATF की इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, IMF के साथ 205 देशों के 800 प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं लेकिन पाकिस्तान के लिए राहत की बात ये है कि उसका सदाबहार दोस्त चीन इस समय FATF का अध्यक्ष है. और यहां चीन पाकिस्तान का साथ दे सकता है .इससे पहले मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की भारत की कोशिशों के खिलाफ चीन ने 4 बार पाकिस्तान का साथ दिया था.

अब आप भारत में खून खराबा फैलाने वाले आतंकवादियों को बचाने की पाकिस्तान की कोशिशों को समझिए. जून 2018 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्टमें डाल दिया था. लेकिन इसके बावजूद अक्टूबर 2019 में हुई मीटिंग में पाकिस्तान ने मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी. FATF की ग्रे लिस्ट में होने की वजह से पाकिस्तान के लिये IMF, वर्ल्ड बैंक और यूरोपियन यूनियन जैसी वित्तीय संस्थाओं से आर्थिक मदद के कई रास्ते बंद हो चुके हैं. और पाकिस्तान के आतंकी संबंधों पर भारत की ओर से दिये गये सबूत इस कार्रवाई का बड़ा आधार बने थे. यानी FATF के प्रतिबंधों की वजह से पाकिस्तान दिवालिया भी हो सकता है लेकिन फिर भी वो मसूद अजहर को बचाने की कोशिश कर रहा है.

आतंकवादी मसूद अजहर को लापता बताने की कोशिश को आप पाकिस्तान का कवर अप भी कह सकते हैं. और दुनिया को भ्रमित करने के लिए पाकिस्तान लगातार ऐसा करता रहा है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ही मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद को खड़ा किया और उसे हर तरह की मदद देकर भारत विरोधी कार्रवाई के लिए तैयार किया. पिछले कुछ समय से मसूद अजहर पाकिस्तानी सेना के अस्पताल में ही अपना इलाज करवा रहा था.इसलिए ऐसा लग रहा है मानो मसूद को बचाने के लिए पाकिस्तान ने उसके गायब होने की स्क्रिप्ट लिखी है ताकि FATF के प्रतिबंधों से वो खुद को बचा सके.और मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के बाद ही पाकिस्तान ने इसकी शुरुआत कर दी थी.

मसूद अजहर भले ही गुमशुदा है लेकिन इस समय भी वो जैश के आतंकवादियों के संपर्क में है. इससे पहले पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद भी आतंकवादी मसूद ने एक संदेश जारी किया था. पिछले कुछ समय से जैश को सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने और फंड इकट्ठा करने पर रोक लगा दी गई है.यानी पाकिस्तान सरकार ने मसूद अजहर को अंडरग्राउंड रहने की सलाह दी है और साथ ही उसके संगठन जैश को भी ज्यादा सक्रिय होकर काम करने से मना किया है.

अब आप ये समझिए कि ये आतंकवादी पाकिस्तान के लिए कितना महत्वपूर्ण है.
- पाकिस्तान के बहावलपुर शहर में मसूद अजहर के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है
- और इसके पास ही पाकिस्तानी सेना की 31वीं कोर का हेडक्वार्टर भी है.
- पाकिस्तानी सेना के साथ मसूद अजहर का बहुत पुराना रिश्ता है इसलिए ये माना जा रहा है कि जैश को सुरक्षा देने के लिए ही उसे पाकिस्तानी सेना के इतने करीब रखा गया है.

यानी पाकिस्तान की सेना मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को सुरक्षा दे रही है लेकिन हमारे देश में जब आतंकियों को मार दिया जाता है या उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो हमारे देश का टुकड़े टुकड़े गैंग, कुछ नेता डिजाइनर पत्रकार और बुद्धिजीवी इन आतंकवादियों के मानव अधिकारों की बात करने लगते हैं और कई बार तो वो इनके खिलाफ सबूत की मांग भी करते हैं. 

ये भी हो सकता है पाकिस्तान के साथ-साथ हमारे देश का टुकड़े टुकड़े गैंग भी मसूद अजहर के खिलाफ सबूत मांग लें. इसलिए आज Zee News ने अपनी लाइब्रेरी से तमाम सबूत निकालें हैं क्योंकि 21 वर्ष पहले जब इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 का अपहरण हुआ था, उस वक्त ये ख़बर पूरी दुनिया की हेडलाइन बन गई थी और Zee News उस वक्त देश का इकलौता ऐसा चैनल था, जो इस अपहरण कांड से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ख़बर देश के सामने रख रहा था.

21 साल पहले रिहा होने के बाद मसूद अजहर कांधार से पाकिस्तान चला गया. उस वक्त खुद पाकिस्तान की सरकार ने कहा था, कि अगर मसूद अजहर पाकिस्तान लौटता है, तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. क्योंकि, पाकिस्तान में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. शायद इसीलिए, 20 साल पहले पाकिस्तान लौटने पर मसूद अजहर का भव्य स्वागत किया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के तत्कालीन DG, लेफ्टिनेंट जनरल महमूद अहमद खुद गाड़ी चलाकर उसे रिसीव करने पहुंचे थे. 
 
पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता को मसूद अजहर की 20 वर्ष पुरानी ये तस्वीर देखनी चाहिए. इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के हाईजैक के बाद मसूद अजहर रिहा हो गया था.कांधार से पाकिस्तान पहुंचने के बाद 9 जनवरी 2000 को मसूद अजहर बहावलपुर पहुंचा था. उस वक्त पूरी सुरक्षा के बीच इस आतंकवादी ने रैली की थी. रोड शो किया था. बंदूक लहराई थीं. और एक ज़हरीला भाषण दिया था. तब इस आतंकवादी ने पाकिस्तान की सरकार की शह पर धमकी दी थी, कि वो कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए 5 लाख लोगों को इकट्ठा करेगा.

इसके ठीक एक हफ्ते पहले मसूद अजहर ने पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान की पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच कराची में भी एक रैली की थी. क़रीब 10 हज़ार लोगों की भीड़ के बीच हुई इस रैली में, इस आतंकवादी ने पाकिस्तानी जनता से कश्मीर घाटी में जेहाद शुरु करने की अपील की थी. उस समय रैलियां करने के साथ साथ, मसूद अजहर बंद कमरे में बैठकर इंटरव्यू भी दे रहा था और भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने की धमकी दे रहा था. वो आज भी वैसा ही कर रहा है. इसलिए जो इमरान ख़ान आज मसूद अजहर को लेकर भारत से सबूत मांग रहे हैं. वो अगर चाहें, तो ISI से संपर्क करके, मसूद अजहर का घर ढूंढ सकते हैं. और खुद उसी से पूछ सकते हैं, कि बताओ पुलवामा हमले को किस तरह अंजाम दिया.

इमरान खान को अगर इन सबूतों से भी संतुष्टि नहीं मिलती है. तो वो जैश-ए-मोहम्मद की ऑनलाइन मैगजीन अल-कलाम की वेबसाइट पर जाकर भारत विरोधी और Zee News विरोधी लेख पढ़ सकते हैं. हमने मसूद अजहर और जैश का पूरा सच दुनिया के सामने एक्सपोज किया है. शायद तभी वो हमसे इतनी नफरत करता है. और अपने लेख में Zee News का नाम लेकर आपके पसंदीदा शो DNA का नाम लेकर हमें सबक सिखाने की धमकी देता है. सच तो ये है, कि पाकिस्तान अपनी आतंकी सोच का सच दुनिया के सामने आने ही नहीं देना चाहता.

इसका एक छोटा सा उदाहरण ये है, कि बालाकोट में 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद पूरे इलाके को पाकिस्तान की सेना और वहां के सुरक्षाबलों ने घेर लिया. पाकिस्तान की सेना जब दुनियाभर के पत्रकारों को लेकर बालाकोट पहुंची थी, तो उन्हें भी उतना ही दिखाया गया, जितना वहां की फौज दिखाना चाहती थी. उन्हें टूटे हुए पेड़ दिखाए गए. एयर स्ट्राइक के बाद जमीन पर गिरा मलबा दिखाया गया. लेकिन सच क्या था आज आप ये भी जान लीजिए.

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, बालाकोट में भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने पीओके में मौजूद 4 आतंकी कैंप को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया. पाकिस्तान ने निकयाल और कोटली इलाक़े में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकियों से कहा, कि वो अपने कैंप को एलओसी से दूर रखें. आतंकियों के कई कैंप पाकिस्तानी सेना के कैंप में शिफ्ट किये गए और इन कैंप के बाहर पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा लगा दिया गया.
इसके अलावा पाकिस्तान ने अपने आतंकवादियों को पाकिस्तान की सेना की वर्दी पहनने के निर्देश दिए हैं. क्योंकि, अगर वो पाकिस्तानी सेना की यूनिफार्म में होंगे, तो ये पहचान पाना मुश्किल होगा कि कौन आतंकवादी है और कौन पाकिस्तानी सेना का जवान है.हमें लगता है, आतंकवादी मसूद अजहर के खिलाफ इतने सबूत काफी हैं.और अगर उन्हें और सबूत चाहिए, तो हम आने वाले दिनों में Zee News की लाइब्रेरी की मदद से पाकिस्तान की इच्छा पूरी करते रहेंगे.

पाकिस्तान खुद स्वीकार कर चुका है कि उसके देश में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 16 आतंकवादी रहते थे और अब इनमें से 7 आतंकवादियों की मौत हो चुकी है.और बाकी बचे 9 आतंकवादियों में से 7 ने संयुक्त राष्ट्र से उनके ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है और इसमें आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का चीफ हाफिज सईद भी शामिल है.

किसी भी देश में इतने आतंकवादियों का होना वहां की जनता के लिए भी सुरक्षित नहीं है. इसलिए आज हम पाकिस्तान के लोगों से भी इस मामले में मदद मांग रहे हैं. पाकिस्तान की जनसंख्या करीब 20 करोड़ है... और अगर वहां के लोग इस समय Zee News देख रहे हैं तो वो भी इन आतंकवादियों को पकड़ने में मदद कर सकते हैं और भारत के लोग भी आज हमारी इस मुहिम से जुड़ सकते हैं. अगर आपके पास मसूद अजहर के बारे में कोई खबर हो तो आप संयुक्त राष्ट्र की Counter Terrorism Committee को इसकी खबर दे सकते हैं. इस कमेटी की Email ID आप अपनी स्क्रीन पर देख सकते हैं. या फिर आप इस्लामाबाद में भारतीय हाईकमीशन को इसके बारे में बता सकते हैं और उनका पता, फोन नंबर्स और Email ID अभी आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रहे हैं.

हाई कमीशन ऑफ इंडिया
G-5, डिप्लोमैटिक इन्क्लेव
इस्लामाबाद
फोन - +92-51-2833251-53

Email ID - feedback.islamabad@mea.gov.in
attachev1.islamabad@mea.gov.in))

कुल मिलाकर आप इस नई मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा भी बन सकते हैं.