UN में इस साल इमरान का भाषण सबसे लंबा रहा, लेकिन इस नेता का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए

संयुक्‍त राष्‍ट्र में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के नाम दर्ज है. उन्‍होंने 2009 में 9 घंटे से भी अधिक समय तक संयुक्‍त भाषण में अपना भाषण दिया.

UN में इस साल इमरान का भाषण सबसे लंबा रहा, लेकिन इस नेता का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए

नई दिल्‍ली: इस साल संयुक्‍त राष्‍ट्र आमसभा (UNGA) की बैठक में सबसे लंबा भाषण पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) का रहा. उन्‍होंने 50 मिनट लंबा भाषण दिया. सबसे छोटा भाषण अफ्रीकी देश रवांडा का रहा. रवांडा के प्रतिनिधि ने केवल 7 मिनट का भाषण दिया. यूएनजीए में कुल 190 देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. भाषण देने वाले 91.8 प्रतिशत पुरुष और 8.2 प्रतिशत महिलाएं थीं.

गौरतलब है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के नाम दर्ज है. उन्‍होंने 2009 में 9 घंटे से भी अधिक समय तक संयुक्‍त भाषण में अपना भाषण दिया. गौरतलब है कि 2011 की अरब क्रांति के दौर में लीबिया के तानाशाह की सत्‍ता का पतन हो गया और उनको मौत के घाट उतार दिया गया.

संरा प्रमुख ने बाल गरीबी खत्म करने का आह्वान किया
इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से गरीबी खत्म करने के लिए बच्चों को सशक्त बनाने का आग्रह किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि बच्चे वयस्कों की तुलना में गरीबी की दोगुना मार झेल रहे हैं और गरीबी कई बच्चों को आजीवन नुकसान पहुंचाती है.

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उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लड़कियां विशेष रूप से जोखिम में हैं, लेकिन वे भी बदलाव की एक बड़ी वाहक हैं. उन्होंने कहा, "हर अतिरिक्त वर्ष एक लड़की के स्कूल में रहने के साथ उसकी जीवन भर की औसत आय बढ़ जाती है, उसकी शादी जल्दी होने की संभावना कम हो जाती है, और उसके बच्चों के लिए स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य और शिक्षा लाभ होते हैं, जिससे यह गरीबी के चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण कारक बन जाता है."

गुटेरेस ने कहा कि बाल गरीबी को समाप्त करने की महत्वपूर्ण शुरुआत घर से होती है, जहां से यह उत्पन्न होता है. गुटेरेस ने कहा कि गुणवत्ता वाली सामाजिक सेवाओं तक पहुंच को प्राथमिकता देना चाहिए, लेकिन आज भी लगभग दो-तिहाई बच्चों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का अभाव है. उन्होंने कहा कि लचीली कामकाजी व्यवस्था, माता-पिता की छुट्टी और चाइल्डकेयर सपोर्ट सहित परिवार-उन्मुख नीतियां भी जरूरी हैं. 1993 से प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है.

(इनपुट: एजेंसी आईएएनएस के साथ)