कहीं साजिश तो नहीं? यूएन की बैठक में चीन के खिलाफ बोल रहीं थीं Indian Diplomat, अचानक बंद हो गया माइक
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कहीं साजिश तो नहीं? यूएन की बैठक में चीन के खिलाफ बोल रहीं थीं Indian Diplomat, अचानक बंद हो गया माइक

चीन अपने खिलाफ कुछ सुनना नहीं चाहता. ऐसे में बीजिंग में यूएन की बैठक के दौरान भारतीय राजनयिक के संबोधन के वक्त माइक बंद हो जाना उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है. क्योंकि बैठक की मेजबानी वही कर रहा था. हालांकि, चीन ने इसे तकनीकी समस्या करार दिया है. 

कहीं साजिश तो नहीं? यूएन की बैठक में चीन के खिलाफ बोल रहीं थीं Indian Diplomat, अचानक बंद हो गया माइक

बीजिंग: संयुक्त राष्ट्र (UN) की बैठक के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि चीन (China) सवालों के घेरे में आ गया. दरअसल, जैसे ही भारतीय राजनयिक ने चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिश्एटिव' (BRI) और इसकी महत्वाकांक्षी परियोजना सीपीईसी का कड़ा विरोध करना शुरू किया, अचानक उनका माइक बंद हो गया. राजनयिक इन विवादास्पद परियोजनाओं के खिलाफ नई दिल्ली की आपत्तियों के बारे में बोल रहीं थीं. उनके संबोधन के दौरान माइक में गड़बड़ी आना इसलिए भी सवालों के घेरे में आ गया है, क्योंकि बैठक की मेजबानी खुद चीन कर रहा था. 

Mike ठीक होने में कई मिनट लगे 

बीजिंग में आयोजित संयुक्त राष्ट्र (UN) की बैठक के दौरान अचानक माइक (Mike) में गड़बड़ी आ जाने से ऊहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई और उसे ठीक करने में कई मिनट लगे. यहां तक कि अगले वक्ता का वीडियो स्क्रीन पर शुरू हो गया, लेकिन इसे संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव लियू झेनमिन ने रोक दिया, जो चीन के पूर्व उप विदेश मंत्री हैं. बाद में झेनमिन ने भारतीय राजनयिक और यहां भारतीय दूतावास में द्वितीय सचिव प्रियंका सोहनी (Priyanka Sohoni) से अपना भाषण जारी रखने का आग्रह किया. 

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Technical Problem का दिया हवाला

सम्मेलन कक्ष में माइक सिस्टम बहाल हो जाने के बाद झेनमिन ने कहा, 'प्रिय प्रतिभागियों, हमें खेद है. हम कुछ तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे थे और अगले स्पीकर का वीडियो शुरू कर दिया. इसके लिए मुझे खेद है’. इसके बाद उन्होंने सोहनी से अपना भाषण बहाल करने को कहा. उन्होंने सोहनी से कहा, 'आप भाग्यशाली हैं...आपका फिर से स्वागत है.'' इसके बाद भारतीय राजनयिक ने बगैर किसी व्यवधान के अपना भाषण जारी रखा.

Priyanka Sohoni ने कही ये बात 

सोहनी ने कहा, 'हम भौतिक संपर्क बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आकांक्षा साझा करते हैं और हमारा मानना है कि यह समान और संतुलित तरीके से सभी के लिए व्यापक आर्थिक लाभ लेकर आएगा’. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में बीआरआई का कुछ जिक्र किया गया है. यहां मैं कहना चाहूंगी कि जहां तक चीन के बीआरआई की बात है, हम इससे असमान रूप से प्रभावित हुए हैं. तथाकथित चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) में इसे शामिल करना भारत की संप्रभुता में दखलंदाजी करता है.

‘ऐसी पहल का समर्थन नहीं कर सकते’

बीआरआई का उद्देश्य चीन का प्रभाव बढ़ाना और दक्षिणपूर्ण एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि एवं समुद्री मार्ग के नेटवर्क से जोड़ना है. सोहनी ने कहा कि कोई भी देश ऐसी किसी पहल का समर्थन नहीं कर सकता जो संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर उसकी मूल चिंताओं की अनदेखी करती हो. सोहनी से पहले एक पाकिस्तानी राजनयिक ने बीआरआई और सीपीईसी के तारीफों के पुल बांधे तथा इसे क्षेत्र के लिए निर्णायक बताया. वहीं, भारतीय राजनयिक के भाषण के बाद चीनी परिवहन मंत्री ली शियोपेंग ने सोहनी द्वारा की गई आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि जब भारतीय प्रतिनिधि बोल रही थीं उस समय आई तकनीकी गड़बड़ी के लिए मैं माफी मांगना चाहूंगा.

 

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