भारतीय खुफिया एजेंसियों को पता चला मसूद अजहर का ठिकाना, ब्लास्ट प्रूफ जगह में छिपकर चला रहा है आतंकी गतिविधि

साल 1999 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक करके मसूद अजहर को छुड़ा लिया था और लगभग 21 वर्षों से आतंकवादी मसूद अजहर पाकिस्तान में रहकर लगातार भारत पर आतंकी हमले की साजिश कर रहा है. 

भारतीय खुफिया एजेंसियों को पता चला मसूद अजहर का ठिकाना, ब्लास्ट प्रूफ जगह में छिपकर चला रहा है आतंकी गतिविधि
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चीफ और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मसूद अजहर के बारे में भारतीय खुफिया एजेंसियों को बड़ी जानकारी मिली है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने मसूद अजहर को लोकेट कर लिया है. ऐसा बताया जा रहा है कि मसूद अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर में छुपा है. वह जैश के बहावलपुर स्थित मुख्यालय मरकज़ ए उस्मान में मौजूद है, जिसे बम प्रूफ माना जाता है.

बता दें कि साल 1999 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक करके मसूद अजहर को छुड़ा लिया था. मसूद लगभग 21 वर्षों से पाकिस्तान में रहकर भारत पर आतंकी हमले की साजिश लगातार कर रहा है. इन्हीं हमलों की वजह से मसूद अजहर को पाकिस्तानी सेना और राजनेता दोनों ही सम्मान और सुरक्षा देते हैं.

Zee News Exclusive: पाकिस्तान में बालाकोट टेरर कैंप एक्टिव

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट में जैश के टेरर कैंप एक बार फिर से एक्टिव हो गये हैं. पिछले साल सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स ने बालाकोट के टेरर कैंप्स को तबाह कर दिया था. ज़ी न्यूज को मिली एक्सूलिसव जानकारी के मुताबिक बालाकोट में जैश के 27 आतंकियों को भारत पर हमले के लिए तैयार किया जा रहा है. इन 27 आतंकियों में से 19 पाकिस्तानी आतंकी हैं और 8 पाक अधिकृत कश्मीर यानि पीओके से हैं.

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खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट के इन टेरर कैंप्स का इंचार्ज मसूद अजहर के साले युसूफ अजहर को बनाया गया है. पिछले साल बालाकोट में भारतीय वायु सेना की कार्रवाई में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि यूसूफ अजहर भारत की जवाबी कारवाई में मार गिराया गया है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वो इस हमले में बच गया था और अब वो एक बार फिर से बालाकोट में सक्रिय हो गया है.

यूसुफ अजहर का नाम सबसे पहले कंधार में इंडियन एयरलाइन की फ्लाइट IC-814 के अपहरण में आया था. यूसूफ अजहर के खिलाफ रेड कार्नर का नोटिस भी जारी है ऐसे में यूसूफ अजहर का नाम बालाकोट में एक बार फिर से सक्रिय होने पर खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.

सूत्रों के मुताबिक जैश कमांडर जुबैर को आतंकियोंं की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी दी गई है जो बालाकोट के साथ साथ अफगानिस्तान में भी सक्रिय है. देखा जाये तो जैश, अल कायदा ,तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है जो भारत के साथ साथ अफगानिस्तान के लिए भी बड़ा खतरा है.

इस हफ्ते पेरिस में FATF की होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तान ने दुनिया के आंखों में धूल झोंकने की बड़ी तैयारी की है. पाकिस्तान ने रावलपिंडी में FATF की बैठक से पहले आईएसआई ने आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के कमांडरों के साथ मीटिंग की है. इस बैठक में पाकिस्तानी सेना,आईएसआई से जुड़े अधिकारी और कई आतंकी गुटों के कमांडर शामिल हुए . बैठक में जैश का आपरेशन कमांडर मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर भी शामिल हुआ. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक का मकसद भारत की तरफ से आतंक पर पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ते दवाब और साथ ही आतंकी हमलों की कार्य योजना तैयार करना था.

बैठक के दौरान आईएसआई ने अब्दुल रउफ असगर को भरोसा दिलाया है कि सरकार जैश के खिलाफ पाबंदियों को धीरे धीरे हटा लेगी जिससे जैश और दूसरे आतंकी संगठन भारत पर आतंकी हमलों की कारवाई को अंजाम दे सके. इस बैठक में अब्दुल रउफ से कहा गया है कि वो जम्मू कश्मीर समेत भारत के दूसरे इलाकों में आतंकी हमले को अंजाम दे.आईएसआई ने जैश कमांडर अब्दुल रउफ से ये भी कहा है कि भारत पर हमले को इस तरह से अंजाम दिया जाये कि जैश को अंतराष्ट्रीय निगरानी से बचाया जा सके खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक ये भी जानाकारी सामने आ रही है कि जैश ए मोहम्मद ने अपने मरकजों और मदरसों में पुरानी गतिविधियों को एक बार फिर से तेज करने में लगा हुआ है.

इन मरकजों में धार्मिक कट्टरता सिखाने वाले कोर्सज और भारत के खिलाफ जेहाद छेड़ने को कहा जा रहा है. जैश अफगानिस्तान में तैनात आतंकियों को धीरे धीरे जम्मू कश्मीर की ओर शिफ्ट करने में लगा हुआ है ताकि भारत पर बड़े हमले कराये जा सके. बालाकोट में एक बार फिर से जैश के आतंकी कैंपों को सक्रिय कर दिया गया है और आतंकियों को ट्रेनिग देने का काम भी शुरू हो चुका है. बाालकोट में जैश के कमांडर जुबैर ने एक बार फिर से आतंकियों को ट्रेनिग देना शुरू कर दिया है.

जुबेर बालाकोट के साथ साथ अफगानिस्तान में भी काफी सक्रिय है. पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन लश्कर और जैश जैसे संगठनों से जुड़े चैरिटबल संगठनों के माध्यम से धन इकट्ठा करने पर लगी पाबंदियों में ढिलाई देनी शुरू कर दी है. जैश के आतंकियों से ये भी कहा गया है कि वो कश्मीर जिहाद के नाम से पैसे इकट्ठे करे.

पाकिस्तान ने FATF को झांसा देने के लिए जैश ए मोहम्मद और दूसरे आतंकी संगठनों को धीरे धीरे ढील देने की तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान की इस रणनीति का मकसद दुनिया को ये दिखाना है कि वो जैश पर कार्रवाई कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि जैश ए मोहम्मद की गतिविधियों को तेज करने का फैसला लिया गया है.