'औरत मार्च' पर रोक लगाने से इस्लामाबाद हाईकोर्ट का इनकार

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अतहर मिनल्लाह ने हवाले से कहा कि कोई भी नागरिक सम्मेलन आयोजित करने का मौलिक अधिकार रखता है. 

'औरत मार्च' पर रोक लगाने से इस्लामाबाद हाईकोर्ट का इनकार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) हाईकोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day 2020) के मौके पर 8 मार्च को होने जा रहे 'औरत मार्च' पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मार्च पर प्रतिबंध लगाने वाली इस याचिका को गैर-जरूरी करार देते हुए हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने से साफ इंकार कर दिया. 

पाकिस्तानी मीडिया ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अतहर मिनल्लाह ने हवाले से कहा कि कोई भी नागरिक सम्मेलन आयोजित करने का मौलिक अधिकार रखता है. इसलिए मार्च पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता. अदालत उम्मीद करती है कि मार्च में शामिल होने वाले प्रतिभागी कानून के अनुसार अपने अधिकारों का प्रयोग करेंगे.

अपने निर्णय में मिनल्लाह ने कहा कि जो मार्च में शामिल होने वाले प्रतिभागियों के इरादों को लेकर संदेह में हैं, उन्हे गलत साबित करने का यह कार्यक्रम एक मौका है. जस्टिस मिनल्लाह ने कहा कि यदि 8 मार्च को कुछ भी गैरकानूनी होता है, तो उसी समय कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. गौरतलब है कि सर्व प्रथम 'औरत मार्च' की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी. हम औरतें नामक एक नारीवादी समूह ने इसका आयोजन किया था.

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