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करतारपुर कॉरिडोर पर रविवार को फिर बातचीत करेंगे भारत-पाक, उठेगा खालिस्तान का मुद्दा

पिछले साल करतारपुर कॉरिडोर को बनाने पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी. इसे नवंबर में गुरुनानक देव जी के 550वें जन्मोत्सव तक पूरा करने की कोशिश की जा रही है.

करतारपुर कॉरिडोर पर रविवार को फिर बातचीत करेंगे भारत-पाक, उठेगा खालिस्तान का मुद्दा
करतारपुर कॉरिडोर के लिए भारत की तरफ निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.

नई दिल्ली: करतारपुर कॉरिडोर को जल्द से जल्द पूरा करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच रविवार (14 जुलाई 2019) को एक बार फिर से बैठक होगी. दोनों देशों के बीच ये दूसरी बार बैठक होगी. ये बैठक बाघा बॉर्डर पर की जाएगी. पिछले साल करतारपुर कॉरिडोर को बनाने पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी. इसे नवंबर में गुरुनानक देव जी के 550वें जन्मोत्सव तक पूरा करने की कोशिश की जा रही है.

रविवार को ये मीटिंग सुबह 9 बजे शुरू होगी. जो दोपहर 1 बजे तक चलेगी. इसके बाद दोनों पक्ष अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. भारत की ओर से संयुक्त सचिव एससीएल दास और दीपक मित्तल होंगे. वहीं पाकिस्तान की ओर से साउथ एशिया सार्क के डायरेक्टर जनरल डॉ. मोहम्मद फैजल होंगे.

इस बातचीत के दौरान भारत पाकिस्तान के सामने ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने जाने का मुद्दा उठा सकता है. इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुरक्षा के सवाल भी भारत उठाएगा. इस बातचीत के दौरान भारत खालिस्तान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाएगा. इससे पहले अप्रैल में भी भारत सरकार ने खालिस्तान के मुद्दे पर बातचीत को रद्द कर दिया था. पाकिस्तान ने गोपाल सिंह चावला जैसे खालिस्तानी आतंकी को करतारपुर प्रोजेक्ट की कमेटी में शामिल किया गया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्त रवीश कुमार ने कहा, हम इस प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह से समर्पित हैं और चाहते हैं कि ये समय पर पूरा हो.

ब्रिज का मुद्दा भी उठाएगा
भारत इस बातचीत में कॉरिडोर में बनने वाले ब्रिज का मुद्दा भी उठाएगा. दरअसल भारत चाहता है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान अपनी साइड में भी भारत की तरह ब्रिज का निर्माण करे, लेकिन पाकिस्तान अपनी साइड में ब्रिज की जगह सड़क का निर्माण करा रहा है. इसके कारण भारत की साइड में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा.