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खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ने सिद्धू के साथ शेयर की तस्वीर, अगली पोस्ट में लिखा- 'पाकिस्तान जिंदाबाद'

इस तस्वीर को शेयर करते हुए गोपाल चावला ने सिद्धू को पाजी कहकर संबोधित किया है. पंजाबी में पाजी का मतलब बड़ा भाई होता है. 

खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ने सिद्धू के साथ शेयर की तस्वीर, अगली पोस्ट में लिखा- 'पाकिस्तान जिंदाबाद'
खालिस्तानी गोपाल चावला के साथ नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीर पर विवाद शुरू हो गया है.
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नई दिल्ली: करतारपुर साहिब कोरिडोर की नींव रखे जाने के कार्यक्रम में खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल चावला की मौजूदगी पर विवाद खड़ा हो गया है. यह विवाद इसलिए और भी बढ़ गया है क्योंकि गोपाल चावला ने पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की है. साथ ही चावला ने सिद्धू के साथ मुलाकात की तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. इस तस्वीर को शेयर करते हुए गोपाल चावला ने सिद्धू को पाजी कहकर संबोधित किया है. पंजाबी में पाजी का मतलब बड़ा भाई होता है. 

इस तस्वीर को पोस्ट करने के कुछ ही देर बाद गोपाल चावला ने एक और पोस्ट किया है, जिसमें उसने पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर खुद के लिए बयान का वीडियो शेयर किया है. इसे शेयर करते हुए गोपाल चावला ने पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा है.

करतारपुर साहिब कोरिडोर की नींव रखे जाने के कार्यक्रम में गोपाल चावला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ दिखे थे. इसके साथ ही गोपाल चावला पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा से भी गर्मजोशी के साथ मिलता हुआ दिखा था.

करतारपुर साहिब के कार्यक्रम में गोपाल चावला की मौजूदगी पर उठे सवाल पर पाकिस्तान ने सफाई दी है कि गोपाल सिंह पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) के एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें सिख समुदाय से संबंधित सभी कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाता है. मालूम हो कि गोपाल चावला खालिस्तान अलगाववादी नेता है. भारत की नजरों में वह आतंकी है. गोपाल चावला पर पंजाब में लोगों को उकसाने और हिंसा फैलाने के आरोप हैं.

इमरान ने करतारपुर में कश्मीर का जिक्र करने पर भारत का एतराज
भारत ने बुधवार को करतारपुर कॉरिडोर समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर कड़ा एतराज जताया है और कहा कि यह 'अनुचित' था और उन्होंने इस पवित्र अवसर का राजनीतिकरण करने का काम किया. भारत ने यह भी कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से इस बारे में पूछे जाने पर कहा, "यह काफी खेदजनक है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस पवित्र अवसर का प्रयोग राजनीतिकरण करने के लिए किया. सिख समुदाय की लंबित मांग करतारपुर कॉरिडोर के समारोह में जम्मू एवं कश्मीर का अनुचित संदर्भ दिया गया, जोकि भारत का अभिन्न अंग है."

प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान को यह याद रखना चाहिए कि वह अपनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को अवश्य पूरा करे और अपनी सीमाओं के अंदर हर तरह के आतंकवाद को बढ़ावा और पनाह देना बंद करे."

सेना प्रमुख रावत बोले-करतारपुर कोरिडोर को अलग नजरिए से देखें
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर साहिब कोरिडोर मामले को अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए तथा इसे किसी और चीज से नहीं जोड़ना चाहिए.  उनका यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कोरिडोर की नींव रखे जाने के कार्यक्रम के दौरान भारत के साथ बेहतर संबंधों का आह्वान किया. रावत ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हर कोई कहता है कि शांति को एक मौका दो, कुछ तो होना चाहिए. हमारी सरकार ने आज क्या कहा है. हमारी सरकार ने कहा कि इसे (करतारपुर साहिब कोरिडोर) अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए.’

रावत खान की अपील और समारोह के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ खालिस्तानी गोपाल चावला को देखे जाने पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. इससे पहले, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हैदराबाद में कहा कि जब तक पाकिस्तान, भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को नहीं रोकता तब तक उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने यह भी कहा कि करतारपुर कोरिडोर पहल पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया से जुड़ी हुई नहीं थी. 

बयह बहुप्रतीक्षित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा को जोड़ेगा. इस गलियारे से भारतीय सिख श्रद्धालु गुरुद्वारा दरबार साहिब तक वीजा रहित यात्रा कर सकेंगे. माना जाता है कि करतारपुर में ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अंतिम सांस ली थी.