जैश सरगना आतंकी मसूद अजहर की मौत की अटकलें, पाकि‍स्‍तान ने नहीं की पुष्‍ट‍ि

मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, पाकिस्तान के रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में उसकी मौत हो गई है.

जैश सरगना आतंकी मसूद अजहर की मौत की अटकलें, पाकि‍स्‍तान ने नहीं की पुष्‍ट‍ि
खूंखार आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के गुर्दे खराब होने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं.

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों और लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया था. इसके दो दिन बाद ही खूंखार आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के गुर्दे खराब होने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं. वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टस् में दावा किया गया है कि मसूद अजहर की मौत हो गई है. कहा जा रहा है कि सेना की एयर स्ट्राइक के दौरान मसूज अजहर आतंकी शिविर में ही मौजूद था. हालांकि, अभी पाकिस्तान की ओर से आतंकी मसूद की मौत की पुष्टि नहीं हुई है. 

हालांकि, पाकिस्तान के एक अधिकारी ने कहा है कि मसूद अजहर की स्थिति काफी गंभीर है और सैन्य अस्पताल में उनका इलाज जारी है. अभी तक पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर की मौत की पुष्टि नहीं हुई है. 

कहा जा रहा है कि मसूद अजहर एयर स्ट्राइक के दौरान आतंकी शिविर में सो रहा था. मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, पाकिस्तान के रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में उसकी मौत हो गई है. बता दें कि भारतीय सेना ने इस एयर स्ट्राइक में मिराज-2000 लड़ाकू विमान का प्रयोग किया था. एयर स्ट्राइक दौरान भारतीय वायुसेना ने PoK में लगभग 1000 किलो बम की बरसात की थी. कहा जा रहा है कि मसूद के साथ ही आईएसआई का कर्नल सलीम भी मारा गया है.  

दरअसल, कहा जा रहा था कि उसका पाकिस्तान में रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में नियमित डायलसिस किया जा रहा था. इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा था कि जैश का सरगना 'बीमार' है. इस संबंध में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा था कि हालिया खबरें इस ओर इशारा करती हैं कि अजहर के गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया है और उसका पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसका नियमित डायलसिस किया जा रहा है.

कहा जाता है कि 50 वर्षीय आतंकवादी सरगना इतना प्रभावशाली है कि जब इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी 814 को आतंकवादियों के कब्जे से छुड़ाने के बदले में भारत ने उसे कंधार में 31 दिसंबर 1999 को रिहा किया था तो लादेन ने उसी रात उसके लिए भोज आयोजित किया था. अजहर को 1994 में जम्मू-कश्मीर में जिहाद का पाठ पढ़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

 

कुरैशी ने 28 फरवरी को कहा था कि मुझे मिली जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तान में ही है. वह इस हद तक बीमार है कि घर से बाहर भी नहीं निकल सकता. वह काफी बीमार है. अधिकारी ने कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना ओसामा बिन लादेन का निकट सहयोगी था. उसने कई अफ्रीकी देशों में आतंकवाद को बढ़ावा दिया और उसे ऐसे पाकिस्तानी मौलवी के रूप में भी जाना जाता है जिसने ब्रिटेन की मस्जिदों में जिहाद का पाठ पढ़ाया.