PAK: ईसीपी सदस्यों की नियुक्ति के लिए 6 नाम प्रस्तावित, इमरान खान ने दिया सुझाव

 पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सदस्यों की नियुक्ति के लिए बलूचिस्तान और सिंध से तीन-तीन नाम प्रस्तावित किए गए  हैं. 

PAK: ईसीपी सदस्यों की नियुक्ति के लिए 6 नाम प्रस्तावित, इमरान खान ने दिया सुझाव
(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने शनिवार को पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सदस्यों की नियुक्ति के लिए बलूचिस्तान और सिंध से तीन-तीन नाम प्रस्तावित किए हैं. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के पद के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान को चेताते हुए तीन नामों की सिफारिश की थी, जिनमें नासिर महमूद खोसा, जलील अब्बास जिलानी और अखलाक अहमद तरार शामिल हैं.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी और नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर को भेजे गए एक पत्र में खान ने दोनों प्रांतों के लिए तीन नामों का सुझाव दिया. पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री इमरान खान ने बलूचिस्तान (Balochistan) से डॉ. फैज एम. कक्कड़, मीर नवीद जान बलूच और अमानुल्लाह बलूच के नाम प्रस्तावित किए. इसके अलावा उन्होंने न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) सादिक भट्टी, न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) नूरुल हक कुरैशी और अब्दुल जब्बार कुरैशी के नाम की सिफारिश सिंध क्षेत्र से ईसीपी सदस्य के तौर पर की.

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इससे पहले नवंबर में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सरदार मुहम्मद रजा ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर छह दिसंबर को उनकी सेवानिवृत्ति से पहले उनके स्थान पर नियुक्ति नहीं की गई तो ईसीपी सात दिसंबर से अप्रभावी हो जाएगा. वहीं दूसरी ओर 25 नवंबर को खान को भेजे गए एक पत्र में शरीफ ने उल्लेख किया कि सीईसी न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सरदार रजा का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त होगा. शरीफ ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान (Pakistan) के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सदस्यों के लिए दो पद पहले से खाली हैं.

प्रधानमंत्री को यह भी बताया गया कि चुनाव अधिनियम, 2017 की धारा-तीन के तहत यह आवश्यक है कि ईसीपी पीठ में सीईसी के साथ या उनके बिना कम से कम तीन सदस्य हों. समय पर नियुक्ति नहीं करने पर शरीफ ने कहा, "इसका परिणाम यह होगा कि ईसीपी उक्त तिथि (छह दिसंबर) को निष्क्रिय हो जाएगी, जब तक कि एक नया सीईसी या एक या एक से अधिक सदस्य नियुक्त नहीं किए जाते हैं."