पाकिस्तान ने मानी PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन की बात, कहा- हमारा 1 जवान मारा गया

भारतीय सेना ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पीओके की नीलम घाटी स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. 

पाकिस्तान ने मानी PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन की बात, कहा- हमारा 1 जवान मारा गया

इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan ) ने पीओके (PoK) में भारतीय सेना (Indian Army,) के ऑपरेशन की बात मान ली है . पाकिस्तान ने यह भी माना है कि भारतीय सेना के हमले में एक सैनिक मौत हो हुई हैं. हालांकि पाकिस्तान ने भारती सेना पर बिना उकसावे के सीजफायर उल्लंघन (Ceasefire violation) का आरोप लगाय है. 

पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत ने जुरा, शाहकोट और नौशेरी सेक्टर में बिना उकसावे के सीजफायर का उल्लंघन किया. पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने 9 भारतीय सैनिकों को मार गिराया जबकि दो भारतीय बंकरों को भी तबाह कर दिए गए हैं.  पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में हमारा 1 सैनिक और 3 नागरिक मारे गए जबकि 2 सैनिक और 5 नागरिक घायल हो गए हैं. 

भारतीय सेना ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पीओके की नीलम घाटी स्थित आतंकी ठिकानों (Terrorist camp) को निशाना बनाया. भारतीय सेना ने इन ठिकानों पर तोप से हमला किया जिसमें आतंकियों के चार लॉन्चिंग पैड्स तबाह हो गए. भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के 4-5 सैनिक भी ढेर हो गए. 

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भारतीय सेना ने यह कार्रवाई पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा किए जा रहे सीजफार उल्लंघन और आतंकी घुसपैठ के जवाब में की है. बता दें शनिवार रात को ही पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में दो भारतीय सैनिक शहीद हुई थे. गोलीबारी में एक नगारिक की भी मौत हो गई थी जबकि तीन घायल हो गए थे. इसके अलावा पाकिस्तान ने जम्मू कठुआ सेक्टर में भी भारी गोलीबारी की थी.

2019 में सीजफायर उल्लंघन में हुई बढ़ोतरी
पाकिस्तान की ओर से बीते पांच वर्षो में 2019 में संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violation) की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. इस वर्ष आज की तारीख में संघर्ष विराम उल्लंघन की 2300 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं. जबकि वर्ष 2018 में इसकी संख्या 1629 थी.

भारतीय सेना के अनुसार, संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में बढ़ोतरी आतंकवादियों को जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ कराने के उद्देश्य से हुई है. खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पास रखा गया है, ताकि मौका मिलते ही वे भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें.