Sevak The Confession: पाकिस्तान में फिर दिखी हिंदुओं को लेकर नफरत, वेब सीरीज में दिखाई गई निगेटिव छवि
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Sevak The Confession: पाकिस्तान में फिर दिखी हिंदुओं को लेकर नफरत, वेब सीरीज में दिखाई गई निगेटिव छवि

Pakistan: इस वेब सीरिज का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है. अगर आप इस ट्रेलर को देखेंगे तो उससे ही समझ जाएंगे कि पूरी सीरीज में भारत के कितना जहर भरा हुआ है. इस वेब सीरीज में कथित तौर पर 1984 के दंगे, गुजरात दंगा और अयोध्या विवाद को भी जबरन दिखाया गया है.

Sevak The Confession: पाकिस्तान में फिर दिखी हिंदुओं को लेकर नफरत, वेब सीरीज में दिखाई गई निगेटिव छवि

Pakistan Controversial Web Series: पाकिस्तान में कट्टरपंथ चरम पर है. यहां हिंदुओं की हालत कैसी है यह किसी से छिपी नहीं है. आए दिन हिंदू और सिक्खों पर वहां अत्याचार की खबरें सामने आती रहती हैं. हिंदुओं का जबरन धर्मांतरण कराया जाता है. हिंदू की बेटियों को उठाकर जबरन उन्हें मुसलमान बना उनसे निकाह किया जाता है. इतने अत्याचार के बाद भी पाकिस्तान के कट्टरपंथियों के अंदर हिंदुओं के प्रति नफरत कम होती नहीं दिख रही है. हिंदुओं के लेकर वहां के कट्टरपंथियों के मन में कितनी नफरत है इसका अंदाजा एक वेब सीरीज से लगा सकते हैं, जो पाकिस्तान में बनाई गई है. इस प्रोपोगेंडा वेब सीरीज का नाम 'सेवक- द कन्फेशन' रखा गया है. इसे लेकर वहां के कई हिंदू संगठन आपत्ति जता रहे हैं. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला. 

वेब सीरीज में सिर्फ दिखाई है नफरत

इस वेब सीरिज का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है. अगर आप इस ट्रेलर को देखेंगे तो उससे ही समझ जाएंगे कि पूरी सीरीज में भारत के कितना जहर भरा हुआ है. इस वेब सीरीज में कथित तौर पर 1984 के दंगे, गुजरात दंगा और अयोध्या विवाद को भी जबरन दिखाया गया है. यही नहीं इसमें गौरी लंकेश, दीप सिद्धू, हेमंत करकरे और जुनैद खान के जीवन के एक हिस्से को भी फिल्माया गया है. इस पूरी सीरीज में आपको हिंदू संतों और बीजेपी नेताओं के खिलाफ नफरत ही दिखाई देगी.

स्कूलों में भी दिखाते हैं दुश्मन के रूप में

ऊपर तो हमने वेब सीरीज के बारे में बताया, लेकिन हिंदू और अल्पसंख्यकों को लेकर वहां कितनी नफरत है इसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि पाकिस्तान में पढ़ाई जाने वाली किताबों में भी अल्पसंख्यों के खिलाफ नफरत ही पढ़ाई जाती है. पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के मुताबिक वर्ष 2011 में अमेरिकी सरकार के एक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तानी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकें हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति पूर्वाग्रह और असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं और उन्हें इस्लाम के दुश्मन के रूप में दिखाती हैं.

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