Arshad Sharif Murder Case: केन्‍या में इमरान के करीबी PAK पत्रकार का मर्डर, सरकार की लापरवाही पर SC नाराज
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Arshad Sharif Murder Case: केन्‍या में इमरान के करीबी PAK पत्रकार का मर्डर, सरकार की लापरवाही पर SC नाराज

Journalist Arshad Sharif Murder Case: पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश दिया, ‘आज रात तक इसमें प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए.’ इसके बाद अदालत ने सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.

Arshad Sharif Murder Case: केन्‍या में इमरान के करीबी PAK पत्रकार का मर्डर, सरकार की लापरवाही पर SC नाराज

Pakistan Senior Journalist Arshad Sharif Murder Case: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने संघीय सरकार को मंगलवार को निर्देश दिया कि वह केन्या में पत्रकार अरशद शरीफ के मारे जाने के मामले में आज रात तक प्राथमिकी दर्ज करे. अदालत ने घटना की जांच करने वाली समिति से जांच रिपोर्ट भी मांगी है. बता दें कि एआरवाई टीवी के एंकर रहे 49 वर्षीय अरशद शरीफ की 23 अक्टूबर को नैरोबी से कुछ दूरी एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के बाद पाकिस्तान में सियासी तूफान आ गया था.

मुख्य न्यायाधीश ने खुद लिया मामले का संज्ञान

इस मामले में केन्याई पुलिस ने बाद में कहा कि ‘एक बच्चे के अपहरण के मामले में शामिल एक समान कार की तलाश के दौरान "गलत पहचान" के चलते उसने गोली चलाई जिसमें शरीफ की मौत हो गई.’ पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश दिया, ‘आज रात तक इसमें प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए.’ इसके बाद अदालत ने सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.

पूर्व पीएम इमरान खान से थी पत्रकार की निकटता

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से निकटता के लिए जाने जाने वाले शरीफ इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की ओर से राजद्रोह का मामला दर्ज किए जाने के बाद केन्या भाग गए थे. इस मामले में जब काफी बवाल हुआ तो इसकी जांच के लिए एक टीम गठित की गई. इसमें संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के निदेशक अतहर वाहिद और आईबी के उमर शाहिद हामिद शामिल थे.

केन्या मानवाधिकार आयोग भी उठा चुका है सवाल

बता दें कि इस मामले में पिछले महीने ही केन्या के मानवाधिकार आयोग ने बड़ा खुलासा किया था. आयोग की ओर से कहा गया कि पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी. केन्याई मानवाधिकार आयोग के वरिष्ठ प्रोग्राम एडवाइजर मार्टिन मावेनजिना ने एक पाकिस्तानी चैनल से कहा था कि 4 नवंबर को केन्याई ऑटोप्सी रिपोर्ट में कहा गया कि उन पर करीब से दो गोलियां चलाई गई थीं. इस मामले में यह बड़ा तथ्य है, जो बहुत कुछ इशारा करता है. उस अधिकारी का कहना था कि सुरक्षा अधिकारियों को उस विशिष्ट स्थान पर अरशद शरीफ की मौजूदगी का पता कैसे चला? जबकि दावा किया गया कि वह गलत पहचान के बहाने वहां छिप गए थे. शरीफ जिस वाहन से यात्रा कर रहे थे, वह V8 लैंड क्रूजर थी. यह गाड़ी कैबिनेट सदस्यों, सांसदों और वीआईपी द्वारा उपयोग की जाती है, इसके बाद भी पुलिस ने गोली कैसे चलाई.

(इनपुट : भाषा)

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