पाकिस्तान में PM इमरान खान की बेइज्जती की इंतहा, अखबार ने कॉर्टून छापने के बाद मांगी माफी

डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर पाकिस्तान (Pakistan) के प्रसिद्ध अखबार 'द नेशन' ने एक कॉर्टून प्रकाशित किया है. इस कॉर्टून में पाकिस्तान (Pakistan)ी पीएम इमरान खान (Imran khan) की जमकर बेइज्जती की गई है. इसमें एक घोड़ा गाड़ी में इमरान खान (Imran khan) को घोड़ा के रूप में दर्शाया गया है.

पाकिस्तान में PM इमरान खान की बेइज्जती की इंतहा, अखबार ने कॉर्टून छापने के बाद मांगी माफी
पाकिस्तानी अखबार ने पीएम इमरान खान का विवादित कॉर्टून प्रकाशित किया है.

नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran khan) एक तरफ जहां अमेरिका में किसी भी सूरत में जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) को लेकर समर्थन जुटाने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं उनके देश की मीडिया उनकी बेइज्जती करने पर तुली है. इमरान खान (Imran khan) के आग्रह पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका मन रखने के लिए कहा है कि वह जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) के मसले पर मध्यस्थता करने को तैयार हैं. हालांकि उन्होंने अपने इस बयान में ये भी कहा है कि वह मध्यस्थता तभी करेंगे जब भारत अनुमति देगा. उनके इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने तत्काल कह दिया था कि द्विपक्षीय मसलों में किसी की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर पाकिस्तान (Pakistan) के प्रसिद्ध अखबार 'द नेशन' ने एक कॉर्टून प्रकाशित किया है. इस कॉर्टून में पाकिस्तान (Pakistan)ी पीएम इमरान खान (Imran khan) की जमकर बेइज्जती की गई है. इसमें एक घोड़ा गाड़ी में इमरान खान (Imran khan) को घोड़ा के रूप में दर्शाया गया है. जबकि डोनाल्ड ट्रंप चाबुक इमरान रूपी घोड़े को चाबुक मार रहे हैं. वहीं उनके साथ पीएम नरेंद्र मोदी मुस्कुरा रहे हैं. इस कॉर्टून का अर्थ निकालें तो पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप मिलकर इमरान खान (Imran khan) को दौड़ा रहे हैं.

किसी प्रधानमंत्री का उसकी के देश में इस तरह का कॉर्टून प्रकाशित होने पर वहां के कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है. इसके बाद 'द नेशन' ने गुरुवार को माफीनामा प्रकाशित किया है. 'द नेशन' ने माफीनामा अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर भी ट्वीट किया है. 

माफीनामा में द नेशन ने लिखा है, 'हमारे यहां प्रकाशित कॉर्टून के लिए हम तहे दिल से माफी चाहते हैं. आर्टवर्क हमारी संपादकीय नीति के खिलाफ था. यह कदापि प्रकाशित नहीं होना चाहिए था. हमें गर्व है कि हम राष्ट्रवादी अखबार हैं. इस वक्त संयुक्त राष्ट्र संघ की नेशनल असेंबली की बैठक चल रही है, ऐसे वक्त में इस तरहा आर्टवर्क प्रकाशित करना बेहद अनुचित है. हम भरोसा दिलाते हैं आगे से ऐसी भूल नहीं होगी और हम तहेदिल से क्षमा चाहते हैं.'

यहां गौर करने वाली बात यह है कि अखबार ने भले ही माफी मांग ली है, लेकिन 26 सितंबर 2019 को प्रकाशित इस अखबार की सभी प्रति को नष्ट नहीं किया जा सकता है. अखबार में कोई भी बात प्रकाशित होने के बाद वह आजीवन रहता है. इसलिए अब तो पीएम इमरान खान (Imran khan) की बेइज्जती तो हो चुकी है, माफी तो उसके बाद की बात है. यह घटना भले ही हमारे विरोधी पाकिस्तान (Pakistan) में हुई है, लेकिन यह किसी भी मीडिया समूह की ओर से किसी देश के राष्ट्रध्यक्ष के लिए इस तरह अप्रोच शोभनीय नहीं है.

नोट: इमरान खान की इस विवादित कॉर्टून को अपनी खबर में प्रकाशित करने के पीछे हमारा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है. हम तो केवल इसे इस संदर्भ में प्रकाशित कर रहे हैं कि दुनिया जान सके कि पाकिस्तान की मीडिया अपने प्रधानमंत्री के साथ कैसा बर्ताव करती है.