देश कोराना और अर्थव्यस्था के संकट से जूझ रहा लेकिन PM इमरान खान को सता रही इस बात की चिंता

पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इस समय कई बड़ी समस्‍याओं से घिरे हुए हैं. देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, उधर अर्थव्यवस्था भी संकट में है.

देश कोराना और अर्थव्यस्था के संकट से जूझ रहा लेकिन PM इमरान खान को सता रही इस बात की चिंता
प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इस समय कई बड़ी समस्‍याओं से घिरे हुए हैं. देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, उधर अर्थव्यवस्था भी संकट में है. इस सबके बीच देश के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) चीन के साथ मित्रता निभाने में व्‍यस्‍त हैं.  चीन के साथ मित्रता निभाने के लिए खान ने कसम खाई है कि उनकी सरकार चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) प्रोजेक्‍ट को 'किसी भी कीमत पर' पूरा करेगी.

यह प्रोजेक्‍ट 60 मिलियन अमेरीकी डॉलर का है और इसे पाकिस्तान और चीन के बीच गहरी दोस्ती के रूप में देखा जा रहा है.

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इमरान खान का मानना ​​है कि यह प्रोजेक्‍ट सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है. सीपीईसी पर हुई एक समीक्षा बैठक में उन्‍होंने कहा, ' यह विशाल और बहुआयामी पहल देश के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी देगा'. 

खान ने कहा, 'यह कॉरिडोर पाकिस्तान-चीन की मित्रता का सबूत है और सरकार इसे किसी भी कीमत पर पूरा करेगी और इससे होने वाला फायदा हर पाकिस्तानी तक पहुंचाएगी.'

बता दें कि खान की यह टिप्‍पणी चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की इस प्रोजेक्‍ट को लेकर फोन पर हुई बातचीत के एक दिन बाद आई है. CPEC चीन के शिनजियांग प्रांत को पाकिस्‍तान में बलूचिस्तान ग्वादर पोर्ट से जोड़ेगा. यह पाकिस्तान के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत पहले प्रोजेक्‍ट में से एक है.

देश में इस प्रोजेक्‍ट की खासी आलोचना भी हो रही है. विशेषज्ञों और देश के नेताओं को लगता है कि ये चीन का विदेशी भूमि पर विस्‍तार और नियंत्रण करने का एक तरीका है.