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मसूद अजहर को 'ग्‍लोबल टेररिस्‍ट' घोष‍ित करने का प्रस्‍ताव, 3 बार रोड़े अटका चुका चीन अब क्‍या करेगा?

जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसके बाद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक प्रस्ताव पेश किया था.

मसूद अजहर को 'ग्‍लोबल टेररिस्‍ट' घोष‍ित करने का प्रस्‍ताव, 3 बार रोड़े अटका चुका चीन अब क्‍या करेगा?
file photo

बीजिंग: पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए 13 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाये जाने की खबरों के बीच चीन ने सोमवार को कहा कि केवल बातचीत के जरिये ही ‘‘एक जिम्मेदार समाधान’’ निकल सकता है. चीन ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव को कम करने में अपनी बातचीत में सुरक्षा मुद्दों को एक ‘‘महत्वपूर्ण विषय’’ बनाया गया है. जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसके बाद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक प्रस्ताव पेश किया था.

रिपोर्ट के अनुसार 13 मार्च को यूएनएससी की ‘1267 समिति’ द्वारा इस प्रस्ताव को उठाये जाने की उम्मीद है. भारत और यूएनएससी के अन्य सदस्यों द्वारा लाये गये इस तरह के प्रस्तावों पर तीन बार रोड़े अटका चुके चीन ने अभी अपने रुख की घोषणा नहीं की है. इस मुद्दे पर भारत की अपील और चीन के रुख के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने यहां मीडिया से कहा, ‘पहले तो मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि यूएनएससी यूएन की एक मुख्य संस्था है और इसके पास कड़े मानक और प्रक्रिया के नियम हैं. कुछ रिपोर्टों में यूएनएससी के अंदर की जानकारी दी गई है. मुझे नहीं पता कि क्या इसे एक सबूत के रूप में गिना जा सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘‘1267 प्रतिबंध समिति द्वारा किसी को आतंकवादी घोषित करने के बारे में चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है. चीन ने जिम्मेदार रुख अपनाया है, समिति के नियमों और प्रक्रिया का पालन किया है तथा जिम्मेदार ढ़ंग से चर्चा में भाग लिया था. केवल बातचीत के जरिये ही हम  एक जिम्मेदार समाधान तक पहुंच सकते हैं.’

हाल में चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने पाकिस्तान की यात्रा की थी और प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा तथा अन्य अधिकारियों से बातचीत की थी. भारत ने शनिवार को कहा था कि यूएनएससी के सदस्यों को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों और अजहर की मौजूदगी के बारे में जानकारी है. उन्होंने सदस्य देशों से अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित किये जाने का अनुरोध किया.

कांग ने कहा, ‘हम दोनों पक्षों के साथ मध्यस्थता के प्रयास कर रहे है और तनाव कम करने के लिए बातचीत की गई है. हमने काफी प्रयास किए है. बातचीत के दौरान सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और मैं कह सकता हूं कि हमारी बातचीत काफी विस्तृत थी.’ जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गत 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर के हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. बढ़ते आक्रोश के बीच भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी विरोधी अभियान चलाया था और जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया था.