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VIDEO: लॉर्ड्स में खेल रही थी पाकिस्तानी टीम, बाहर PAK फैन्स कर रहे थे हंगामा

बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 44 प्रतिशत है, और अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो गया तो दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान को ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा 

VIDEO: लॉर्ड्स में खेल रही थी पाकिस्तानी टीम, बाहर PAK फैन्स कर रहे थे हंगामा

लंदन: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्डकप में रविवार को खेले गए 30वें मैच में पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका को 49 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपने बचे रहने की उम्मीदों को बरकरार रखा है. लंदन के लॉर्ड्स मैदान में खेले गए इस मुकाबले से इतर एक और नजारा स्टेडियम के बाहर देखने को मिला. यहां मैदान के बाहर बलूचिस्तान समर्थकों ने अपने पोस्टर के जरिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में समर्थन जुटने की कोशिश की थी. मैदान में साइकिल स्टैंड में लगे इस पोस्टर में लिखा था, '#EndEnforcedDisappearances'

बता दें कि इस हैशटैग के जरिए ट्विटर पर बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की एक मुहिम छेड़े हुए हैं. लेकिन रविवार को लॉर्ड्स के मैदान के बाहर इन पोस्टरों को पाकिस्तान के समर्थकों ने फाड़ा दिया. जैसे ही पाकिस्तान साउथ अफ्रीका का मैच खत्म हुआ. पाकिस्तानी फैन्स ने इन पोस्टरों पर धावा बोल दिया. 

बता दें कि पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 308 रन बनाये. इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम नौ विकेट पर 259 रन ही बना पायी. यह दक्षिण अफ्रीका की पांचवीं हार है और सात मैचों में केवल तीन अंक होने के कारण वह सेमीफाइनल की दौड़ से भी बाहर हो गया है. पाकिस्तान के छह मैचों में पांच अंक हो गये हैं. 

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्यों उठ रही हैं आजादी की आवाजें? 
इस वक़्त पाकिस्तान बहुत दबाव में है.. और इस दबाव के बीच बलूचिस्तान के अंदर आज़ादी की उत्तेजना दिखाई दे रही है. वहां के लोग पाकिस्तान और वहां की सेना के अत्याचारों से तंग आ चुके हैं.  बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 44 प्रतिशत है, और अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो गया तो दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान को ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा . अगर पाकिस्तान ने कश्मीर का मोह त्याग कर बलूचिस्तान के लोगों को उनका हक नहीं दिया तो जल्द ही उनके देश को 44 प्रतिशत का कुल घाटा हो सकता है .

बलूचिस्तान एक ऐसा संघर्ष क्षेत्र बन चुका है.. जहां से कोई रिपोर्टिंग नहीं करता क्योंकि वहां पाकिस्तानी सेना का नियंत्रण है.. और वहां के सच को दुनिया के सामने रखना... आसान काम नहीं है. बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा रहता है, ऐसे में जुल्म और अत्याचार की तस्वीरें दुनिया के सामने खुलकर नहीं आ पाती.

पाकिस्तान के अत्याचारों से परेशान बलूचिस्तान के लोग चोरी-छुपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं. और तब वहां की हकीकत सामने आ पाती है. कई बार किसी घटना का वीडियो सामने आने में 20 दिन से लेकर एक महीना तक लग जाता है. पहले इस वीडियो को बनाया जाता है.. फिर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय़ करके लोग उन इलाक़ों में जाते हैं जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी हो. इसके बाद ये वी़डियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाते हैं. आप समझ सकते हैं कि बलूचिस्तान किस तरह अधर्म से भरे युग में जी रहा है.

आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि बलूचिस्तान में निर्दोष नागरिकों की हत्या के पीछे....पाकिस्तान का अपना एक ख़ास मकसद है...और वो है चीन से दोस्ती और पैसा. बलूचिस्तान को कुदरत ने वो सारे संसाधन दिए हैं...जो किसी भी देश को मालामाल बना सकते हैं. लेकिन पाकिस्तान.... बलूचिस्तान को विकसित करने के बजाय, उसे चीन के फायदे के लिए बदहाल रखना चाहता है. इससे पाकिस्तान का एक और फायदा ये भी है... कि चीन को भारत की घेराबंदी करने का मौका मिल जाएगा. अब आप कुछ आंकड़ों और तथ्यों पर गौर कीजिए.

बलूचिस्तान पाकिस्तान का पश्चिमी प्रांत है...जिसकी राजधानी क्वेटा है. बलूचिस्तान 15 अगस्त 1947 से 27 मार्च 1948 तक एक आज़ाद क्षेत्र हुआ करता था. 11 अगस्त, 1947 को पाकिस्तान और बलूचिस्तान के शासकों के बीच, समझौते पर दस्तख़त हुए,जिसमें पाकिस्तान ने ये माना कि बलूचिस्तान एक आज़ाद राज्य है. लेकिन अंग्रेज़ों के जाने के बाद पाकिस्तान ने...उस वक्त बलूचिस्तान के राजवंश से ज़बरदस्ती कुछ कागज़ात पर दस्तख़त करवाए...और बलूचिस्तान पर अपना अधिकार जताकर उसे हड़प लिया. इसके बाद बलूचिस्तान की आज़ादी का संघर्ष शुरू हुआ, कुछ समूहों ने पाकिस्तान के इस अत्याचार के खिलाफ हथियार उठा लिए. 

वर्ष 2004 में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के नेता...नवाब अकबर की हत्या करवा दी...उनपर आरोप लगाया गया कि वो बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी तैयार करके, पाकिस्तान के ख़िलाफ अपनी सेना खड़ी कर रहे हैं. बलूचिस्तान के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार, वहां ज़बरदस्ती दूसरी जाति के लोगों को बसा रही है, ताकि वहां रहने वाले बलोच लोग... अपने ही इलाक़े में अल्पसंख्यक बन जाएं. इस मुद्दे पर बलूचिस्तान में संघर्ष हुआ और वहां के लोगों के घरों पर हमले होने लगे. बलूचिस्तान के लोग इसे 'फिफ्थ वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस' यानी आज़ादी की 5वीं लड़ाई कहते हैं.

वर्ष 2011 में ह्यूमन राइट वॉच ने एक रिपोर्ट जारी की थी...जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान की सरकार ने बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार किए हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2009 से 2010 के बीच 45 लोग अचानक ग़ायब कर दिए गए... और कई लोगों को फांसी दे दी गई.

वर्ष 1999 के बाद से लेकर अब तक बलूचिस्तान में रहने वाले 20 हज़ार से ज़्यादा लोग...आश्चर्यजनक तरीके से ग़ायब हो चुके हैं. और उनके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. जनवरी 2014 में बलूचिस्तान के खुज़दर ज़िले में कुछ कब्रें मिली थीं...जिनमें 169 लाशें दफ्न थीं...पाकिस्तान की सेना, अर्धसैनिक बल और सरकार हमेशा से...बलूचिस्तान में हिंसा के लिए खुद को जिम्मेदार मानने से इनकार करते रहे हैं. इसके लिए वो इस इलाके में सक्रिय हथियारबंद समूहों को जिम्मेदार ठहराते हैं. आपने अक्सर ये भी सुना होगा कि पाकिस्तान आए-दिन भारत पर आरोप लगाता रहता है...कि बलूचिस्तान में अस्थिरता के लिए भारत ज़िम्मेदार है...लेकिन सच्चाई क्या है...ये पूरी दुनिया को पता है.

बलूचिस्तान के लोग मदद के लिए भारत की तरफ देख रहे हैं... ठीक उसी तरह जिस तरह पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने भारत से मदद की अपील की थी, और फिर बांग्लादेश का निर्माण हुआ था. आप बलूचिस्तान को बांग्लादेश इन मेकिंग भी कह सकते हैं. पाकिस्तान, बलूचिस्तान में अत्याचार करता है और कश्मीर पर भारत को लेक्चर देता है.