VIDEO: लाइव डिबेट शो में पैनलिस्ट अचानक देने लगा महिला एक्टिविस्ट को भद्दी-भद्दी गालियां

शब्द हम आपको सुना भी नहीं सकते लेकिन ये पाकिस्तान में महिलाओं को लेकर संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है.

VIDEO: लाइव डिबेट शो में पैनलिस्ट अचानक देने लगा महिला एक्टिविस्ट को भद्दी-भद्दी गालियां

नई दिल्ली: पाकिस्तान की महिलाओं ने 2018 में अपने हक के लिए महिला दिवस पर औरत मार्च शुरू किया तो वहां की सरकार और कट्टरपंथी जमात आग बबूला हो गए और तब से ही हर साल उसे रोकने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं. पाकिस्तान में महिलाओं की हालत के पीछे जिम्मेदार, वहां के लोगों में घर कर चुकी कट्टरपंथी सोच है. ये सोच इतनी गहरी है कि टीवी डिबेट में खुद को बुद्धिजीवी कहनेवाले खलील उर रहमान महिला एक्टिविस्ट को सरेआम गाली देने लगे. ना शब्दों में शालीनता, ना बोलने का सलीका, ना एक महिला का सम्मान और मानसिकता ऐसी कि टीवी डिबेट में भी महिला एक्टिविस्ट से सरेआम गाली-गलौच. शब्द हम आपको सुना भी नहीं सकते लेकिन ये पाकिस्तान में महिलाओं को लेकर संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है.  

सबसे पहले इनका परिचय जान लीजिए. पाकिस्तान के टीवी चैनल पर लाइव शो के दौरान बैठे खलील-उर-रहमान लेखक हैं. कई फिल्में लिख चुके हैं. कई फिल्मों के प्रोड्यूसर रहे हैं और कई सारे टीवी शो में एक्टिंग भी कर चुके हैं. खलील उर रहमान खुद को पाकिस्तान का सबसे बड़ा नारीवादी भी कहते हैं लेकिन टीवी डिबेट में उनकी पोल खुल गई. महिला दिवस पर हुए मार्च को लेकर पाकिस्तान में कई महीनों से घमासान चल रहा था. कई लोग मार्च के नारे 'माय बॉडी, माय चॉइस' पर आपत्ति जताई थी और इस टीवी डिबेट में उसी पर चर्चा चल रही थी जहां पाकिस्तान की महिला एक्टिविस्ट मारवी सिरमद इस मार्च के समर्थन में थीं और खलील उर रहमान की दलीलों के बीच जैसे ही उन्होंने इस स्लोगन का इस्तेमाल किया. खलील बदसलूकी पर उतर आए. बदसलूकी करते हुए बोले, "बीच में मत बोलिए. तेरे जिस्म में है क्या. उस पर मर्जी चलाता कौन है." 

 

 

सुना आपने ये पाकिस्तान का वो तबका है जो खुद को बुद्धिजीवी कहता है, जिनसे उम्मीद की जाती है कि वो महिलाओँ का सम्मान करेंगे, उनके अधिकारों के साथ खड़े होंगे लेकिन जब वो लोग ही महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी पर उतर आएं तो सोचिए कि आम पाकिस्तानियों की मानसिकता कैसी होगी और ये तो बस एक उदाहरण है, जरा अगली टीवी डिबेट का हाल देखिए. इस डिबेट में मौलाना कह रहा है, "तुम्हारे साथ किसी ने की होगी तो हमारा क्या कसूर. जिस मौलवी ने ऐसा किया उसको फांसी लगाओ." 

सुना आपने औरतों के आजादी मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तान में किस-किस तरह की दलील दी गई लेकिन इस  सोच से आजादी के लिए पाकिस्तान की महिलाओं ने भी अब ऐलान-ए जंग कर दिया है. पाकिस्तान के कट्टरपंथियों को महिलाओं की ये ललकार रास नहीं आ रही. उन्हें लगता है कि एक महिला पुरूषों को चुनौती कैसे दे सकती है.