मुस्लिमों के मुद्दे पर मुखर रहने वाला पाकिस्तान उइगर मामले में चीन के सामने चुप क्यों : अमेरिका

अमेरिकी सांसद शेरमैन ने कहा, “चाहे वह तुर्की, पाकिस्तान या खाड़ी देश हों, इन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए काफी कम प्रयास किए और उइगर मुस्लिमों की मदद करने से साफ पीछे हट गए.'

मुस्लिमों के मुद्दे पर मुखर रहने वाला पाकिस्तान उइगर मामले में चीन के सामने चुप क्यों : अमेरिका

वॉशिंगटन : अमेरिका के सांसदों ने कहा है कि रोहिंग्या मुस्लिमों के समर्थन में वैश्विक प्रयासों का नेतृत्व करने वाले पाकिस्तान, तुर्की और खाड़ी देशों की चीन में उइगर मुस्लिमों के दमन पर चुप्पी आक्रोशित करने वाली है. सांसद ब्रैड शर्मन ने बुधवार को संसदीय सुनवाई के दौरान कहा, “हमें खास तौर पर उन मुस्लिम देशों का नाम लेना चाहिए जिन्होंने कुछ नहीं किया.' शेरमैन ने कहा, “चाहे वह तुर्की, पाकिस्तान या खाड़ी देश हों, इन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए काफी कम प्रयास किए और उइगर मुस्लिमों की मदद करने से साफ पीछे हट गए.'

चीन में उइगर एक अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय है. चीन के स्वशासित क्षेत्र शिनजियांग में लगातार कथित तौर पर इनका दमन हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चीन उइगर मुस्लिमों का बड़े पैमाने पर दमन कर रहा है. हाल की संयुक्त राष्ट्र की बैठक में जैसा कि संज्ञान लिया गया है कि चीन सरकार ने शिनजियांग को एक तरह से 'नजरबंदी शिविर' में तब्दील कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र ने भी उइगर मुस्लिमों की हालत पर जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि चीन में उइगर मुस्लिम समुदाय को बड़े पैमाने पर हिरासत में रखने की रिपोर्ट से वह चिंतित है और आतंकवाद से निपटने के बहाने हिरासत में रखे गए इन लोगों को रिहा करने का आह्वान किया है. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र का यह बयान ऐसे समय में आया जब रिपोर्टों में कहा गया है कि शिंजियांग में करीब 10 लाख से ज्यादा मुस्लिम उइगरों को पुन: शिक्षा के लिए शिविरों में बंधक बनाकर रखा गया है.

बीजिंग ने आरोपों से इंकार किया है लेकिन स्वीकार किया है कि कुछ धार्मिक चरमपंथियों को फिर से शिक्षित करने के लिए हिरासत में रखा गया है. चीन ने प्रांत में अशांति के लिए इस्लामिक आतंकवादियों और अलगाववादियों को जिम्मेदार ठहराया है. अगस्त में एक समीक्षा के दौरान, नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र समिति के सदस्यों ने कहा था कि विश्वसनीय रिपोर्ट दर्शाते हैं कि चीन ने उइगर स्वायत्त क्षेत्र को कुछ इस तरह से बदल दिया है कि यह एक बड़ा नजरबंदी शिविर जैसा नजर आता है. चीन ने जवाब दिया कि उइगरों को पूरा अधिकार मिला हुआ है, लेकिन स्वीकार किया कि चरमपंथ धार्मिक उन्माद के शिकार उइगरों को पुनर्वास और फिर से शिक्षित करने में सहायता प्रदान की जाएगी.