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ZEE जानकारी: हताश पाकिस्तान बन गया है एक 'मजाक'

पाकिस्तान इन दिनों ऐसी-ऐसी ग़लतियां कर रहा है, जिससे पूरे विश्व में उसका मज़ाक उड़ रहा है. 

ZEE जानकारी: हताश पाकिस्तान बन गया है एक 'मजाक'

आज के पहले विश्लेषण के केंद्रबिन्दु में एक वाक्य है. The Comedy of Errors...ये William Shakespeare का मशहूर नाटक है. जिसकी पहली Performance आज से 425 वर्ष पहले हुई थी. लेकिन पाकिस्तान के संदर्भ में The Comedy of Errors, 425 साल के बाद अब चरितार्थ हुई है . भारत को परमाणु युद्ध की धमकी देने का मामला हो, या कश्मीर के नाम पर बेवकूफी भरा एजेंडा चलाना हो. पाकिस्तान इन दिनों ऐसी-ऐसी ग़लतियां कर रहा है, जिससे पूरे विश्व में उसका मज़ाक उड़ रहा है. इसलिए आज एक-एक करके पाकिस्तान की सारी ग़लतियों का विश्लेषण करना अनिवार्य है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने आज Twitter के माध्यम से अपनी जनता से एक अपील की है. और कहा है, कि हर पाकिस्तानी नागरिक, शुक्रवार को यानी कल दोपहर 12 बजे से साढ़े 12 बजे के बीच, आधे घंटे के लिए कश्मीर के लोगों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाएं. और अपने घर से बाहर निकलें. 

इसे Kashmir Solidarity Day Campaign और Kashmir Hour का नाम दिया गया है. लेकिन प्रश्न ये है, कि पाकिस्तान की आवाम पूरे आधे घंटे तक घर से बाहर निकलकर करेगी क्या ? इस सवाल का जवाब हम आपको आगे देंगे.

पाकिस्तान का दूसरा मज़ाक है, रात के अंधेरे में की गई, Surface To Surface Ballistic Missile की Test Launching...इस Ballistic Missile का नाम है, गज़नवी. 

जिसकी Test Launching के बाद बाकायदा Missile के सामने खड़े होकर Photo Shoot भी किया गया. 

और पाकिस्तान का तीसरा मज़ाक है, भारत को परमाणु हमले की धमकी. वो भी उस वक्त जब, उसके पास बिजली का बिल जमा करने के भी पैसे नहीं हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सचिवालय पर बिजली कंपनी का 41 लाख ''पाकिस्तानी रुपये'' से ज़्यादा का बकाया है. Islamabad Electric Supply Company ने इमरान खान के सचिवालय को Notice भेजकर कहा है, कि बिल नहीं जमा किया गया, तो कनेक्शन काट दिया जाएगा. यानी जिस देश का प्रधानमंत्री बिजली बिल जमा नहीं कर सकता. 

क्या वो देश, भारत पर परमाणु हमले कर सकता है ? अगर पाकिस्तान को परमाणु हमला करना ही होता, तो 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कर सकता था. बालाकोट के बाद कर सकता था. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. तो क्या इस बार पाकिस्तान परमाणु धमकी के नाम पर मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ रहा है ? इस विश्लेषण में आपको एक-एक करके इन सभी प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे. 

सबसे पहले Kashmir Hour की बात करते हैं.

इस Campaign के तहत लोगों से अपील की गई है, कि कल दोपहर 12 बजे से साढ़े 12 बजे के बीच वो अपने घरों से, Office की Building से, हर जगह से बाहर निकलें. और सड़कों पर आकर इकट्ठा हो जाएं. 

इस दौरान Emergency Vehicles को छोड़कर सारी गाड़ियां अपनी जगह पर रुक जाएंगी. 

लोगों को समय का ध्यान दिलाने के लिए पूरे पाकिस्तान में एक Siren बजेगा. इसके बाद पाकिस्तान और उसके कब्ज़े वाले कश्मीर का राष्ट्रगान बजेगा.

इसके बाद इमरान ख़ान एक संदेश देंगे. जुमे की नमाज में कश्मीर के लोगों के लिए दुआएं मांगी जाएंगी. और रैलियां होंगी. 

लेकिन पाकिस्तान के ही लोग पूछ रहे हैं, कि सिर्फ आधे घंटे क्यों ? लोग अपने घर से बाहर आकर आधे घंटे तक करेंगे क्या ? 

ये भी कहा जा रहा है, कि ऐसा कार्यक्रम आयोजित करके पाकिस्तान को क्या हासिल होगा ? कुछ लोग तो मज़ाक में ये भी कह रहे हैं, कि Siren बजाकर और राष्ट्रगान सुनाकर पाकिस्तान, कश्मीर के मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करना चाहता है. लेकिन सिर्फ Sound Waves की मदद से. 

लाहौर में वारिस मीर नाम के Underpass का नाम बदलकर Kashmir Underpass कर दिया गया है. पंजाब प्रांत के कई इलाकों की सड़कों, Bridges और सार्वजनिक Parks के नाम में भी कश्मीर शब्द जोड़ दिया गया है.

पाकिस्तान के ही लोग ये भी पूछ रहे हैं, कि अगर एक देश के तौर पर पाकिस्तान का नाम बदलकर 'कश्मीर' कर दिया जाए, तो क्या सारी समस्याएं सुलझ जाएंगी ?

साधारण भाषा में कहें, तो इमरान ख़ान अपने देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं. और उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं. 

और हास्यास्पद बात ये है, कि पाकिस्तान का एक वर्ग बेवकूफ बन भी रहा है. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने कहा है, कि वो इस Campaign का समर्थन करते हैं. और ठीक 12 बजे मोहम्मद अली जिन्ना की कब्र पर पहुंच जाएंगे. ठीक इसी तरह की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के कुछ और क्रिकेटर्स ने भी दी है.

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने और किसी ज़माने में अफरीदी की गेंदों को क्रिकेट के मैदान में सीमा रेखा से बाहर पहुंचाने वाले गौतम गंभीर ने सभ्य भाषा में उनके एजेंडे को Expose कर दिया है.

आज Research के दौरान हमें वर्ष 1956 की एक दिलचस्प तस्वीर भी मिली. उस वक्त कराची में South East Asian Treaty Organisation की एक बैठक हुई थी. और उस समय भी पाकिस्तान ने Liberate Kashmir To Secure World Peace वाला एजेंडा चलाया था. लेकिन, 63 वर्ष पहले ली गई इस तस्वीर में पाकिस्तान के लोग आधे या एक घंटे तक खड़े नहीं दिखाई दिए. बल्कि अपनी गाड़ी में टांगें फैलाकर सोते हुए पाए गए थे. 

यहां पर Kashmir Hour के लिए शुक्रवार का दिन क्यों चुना गया, आपको ये भी पता होना चाहिए.

शुक्रवार का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि ये जुमे का दिन होता है. और क़रीब 12 बजे ही पाकिस्तान में लोग जुमे की नमाज पढ़ते हैं. हमेशा की तरह, कल भी लोग नमाज़ पढ़ने के लिए घर से बाहर निकलेंगे. और अगर Kashmir Hour के नाम पर लोग घरों से बाहर ना निकलें. तो भी जुमे की नमाज़ का फायदा उठाकर पाकिस्तान ये दावा करेगा, कि देखिए, कितनी बड़ी संख्या में लोगों ने इस Campaign का समर्थन किया. 

आगे बढ़ने से पहले आपको 5 वर्ष पुरानी एक तस्वीर दिखाते हैं. उस वक्त नवाज़ शरीफ के खिलाफ इमरान ख़ान ने Go Nawaz Go के नाम से एक मुहिम चलाई थी. और सार्वजनिक मंच पर बिजली के बिल को जलाते हुए अपना रोष प्रकट किया था. समय का फेर देखिए, आज इमरान ख़ान खुद बिजली का बिल भरने की स्थिति में नहीं हैं.

जेब में पैसे हों या ना हों, लेकिन हमारा पड़ोसी, एक ऐसा देश है, जो रोज़मर्रा की ज़रुरतों को छोड़कर, Ballistic Missiles की Launching करता है. कल रात Ghaznavi Ballistic Missile की Test Launching के साथ उसने ऐसा ही किया है. ये Surface To Surface Missile है. जो कई प्रकार के विस्फोटकों के साथ 290 किलोमीटर तक तीव्र गति से हमला करने में सक्षम है. 

इस बीच कच्छ की खाड़ी से होकर कुछ पाकिस्तानी कमांडो के गुजरात में घुसने की खबर है. ये पाकिस्तान के Under Water Commandos हैं. जो पानी के अंदर हमला कर सकते हैं. और इसके साथ-साथ बंदरगार और जहाजों को भी निशाना बना सकते हैं. सुरक्षा को देखते हुए तटीय इलाकों में सरकारी और निजी बंदरगाहों को Advisory जारी की गई है. और उन्हें सतर्क रहने के लिए कहा गया है. इस मामले में सुरक्षा Agencies का कहना है कि वो इस इनपुट को लेकर जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं. और पाकिस्तानी Commandos के गुजरात में दाखिल होने की सत्यता की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. हालांकि सुरक्षा के लिहाज से सभी को सतर्क रहने को कहा गया है.

पाकिस्तान का Ghaznavi Ballistic Missile कार्यक्रम भारत को ध्यान में रखकर शुरु किया गया है. 

पाकिस्तान की सेना के Media Wing के मुताबिक, ये Missile, पड़ोस में मौजूद किसी भी Ballistic Missile Defence सिस्टम को तबाह कर सकता है. इसके अलावा अगर पाकिस्तान का पड़ोसी कोई और Defence सिस्टम खरीदेगा, तो Ghaznavi उसे भी बर्बाद कर सकता है. यानी यहां पर इशारा सीधे-सीधे भारत की तरफ है. और भारत द्वारा Russia से खरीदे गए S-400 Missile System की तरफ है.

पाकिस्तान की सेना की ही तरह, पाकिस्तान के कई मंत्री भी भारत को युद्ध की चेतावनी दे रहे हैं. एक मंत्री तो ऐसा भी है, जिसने युद्ध के महीने तय कर दिए हैं. और कहा है, कि दोनों देशों के बीच अक्टूबर या नवंबर में युद्ध होना तय है. आगे बढ़ने से पहले आप ये सुनिए.

प्रश्न ये है, कि अगर युद्ध हुआ तो क्या होगा ? और क्या दोनों देश परमाणु युद्ध लड़ने की स्थति में हैं ?

भारत की अग्नि Five, 5 हज़ार 200 किलोमीटर तक हमला कर सकती है.
पृथ्वी Two 350 किलोमीटर, अग्नि One 700 किलोमीटर, अग्नि Two 2 हज़ार, अग्नि Three 3 हज़ार 200, अग्नि Four साढ़े तीन हज़ार किलोमीटर तक हमला कर सकती है.

पाकिस्तान के शाहीन Three की Range, 2 हज़ार 750 किलोमीटर है. जबकि शाहीन Two, 1500 और शाहीन One साढ़े 700 किलोमीटर तक हमला कर सकती है.

शीत युद्ध के बाद दुनियाभर में परमाणु हथियारों के ज़खीरे में कमी आई है. लेकिन आज भी दुनिया के कई देशों के पास हजारों की संख्या में ये हथियार मौजूद हैं. 

Russia के पास साढ़े 6 हज़ार और अमेरिका के पास 6 हज़ार 185 परमाणु हथियार हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 हज़ार 600 परमाणु हथियार मिसाइलों पर लगाए गए हैं.

इनमें से करीब 1 हज़ार 800 हथियार हाई अलर्ट मोड में हैं . और शॉर्ट नोटिस पर हमले के लिए तैयार रहते हैं. 

अगर भारत और पाकिस्तान परमाणु बम का इस्तेमाल करते हैं, तो इसके परिणाम..हिरोशिमा और नागासाकी से ज़्यादा भयानक होंगे. वो 1945 का दौर था और अब 2019 चल रहा है. इन 74 वर्षों में तकनीक बहुत विकसित हो चुकी है . आज हमने परमाणु बम से होने वाली भयानक तबाही एक अनुमान लगाया है. इस रिपोर्ट को देखकर परमाणु हमले का सपना देखने वाले लोगों की सोच में कुछ बदलाव आ सकता है . 

सवाल है, परमाणु हमले की स्थिति में कैसे बचा जाए ? इसका जवाब है Nuclear Bunkers

Nuclear Bunkers ऐसी Under Ground इमारतें होती हैं, जो Nuclear हमलों को झेल सकती है. इन Bunkers में खाने पीने का सामान और communication की सुविधाएं भी मौजूद होती हैं. और इन Bunkers में शरण लेने वाले लोग यहां कई महीनों तक रुक सकते हैं.

Russia ने मॉस्को में Nuclear Bunkers तैयार कर रखे हैं. इनमें 12 लाख लोगों को शरण देने की क्षमता है.

स्विटरज़लैंड में घरों का निर्माण करते वक्त Nuclear Shelter का निर्माण करना अनिवार्य है.

ऑस्ट्रिया में 30 प्रतिशत, फिनलैंड में 70 प्रतिशत और स्वीडन में 81 प्रतिशत लोगों के पास परमाणु हमलों से बचने की सुविधा है.

अगर आपके शहर पर परमाणु हमला हो जाए तो आपको क्या करना चाहिए. अब ये Note कर लीजिए.

परमाणु हमले के केंद्र को अपनी आंखों से देखने की कोशिश ना करें, क्योंकि इससे आप अस्थाई तौर पर अंधे हो सकते हैं.

अपने आसपास मौजूद सबसे मज़बूत बिल्डिंग में शरण लें. जितनी जल्दी हो सके बिल्डिंग के बेसमेंट में पहुंचने की कोशिश करें .

परमाणु हमला होने के फौरन बाद, आग का तूफान अपने दायरे में आने वाली हर चीज़ को जलाकर राख कर देता है और आसमान से गिरने वाला रेडियोएक्टिव कचरा नुकसान पहुंचाता है.

इसलिए बेसमेंट में शरण लेने के बाद...जल्दी से अपने कपड़े उतारकर नहा लें.

उतारे गए कपड़ों को अच्छी तरह से सील कर दें ताकि उसमें मौजूद रेडियोएक्टिव पदार्थ आपको और आसपास के लोगों को नुकसान ना पहुंचाएं.

संभव हो तो अपने शरीर को साबून या शैंपू से साफ करें, और इस दौरान शरीर को रगड़ने की गलती बिल्कुल ना करें.

जब तक मदद ना पहुंचे, बाहर निकलने की भूल ना करें.

भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होगा या नहीं होगा, ये चर्चा का विषय है. लेकिन पाकिस्तान की भड़काऊ बातों के बाद अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी आक्रामक हो गए हैं. और PoK के मुद्दे पर पाकिस्तान का ज्ञानवर्धन कर रहे हैं.