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अमरनाथ यात्रा: जब 12000 फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालुओं की टूटती सांसों को मिला ITBP का सहारा..

12 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ज्‍यादातर वयोवद्ध श्रद्धालु सांस फूलने या सांस लेने में दिक्‍कत की शिकायत कर रहे हैं. ऐसे वयोवद्ध श्रद्धालुओं को अस्‍पताल ले जाए बिना, मौके पर उपचार देने में आईटीबीपी के जवान बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं. 

अनूप कुमार मिश्र | Jul 10, 2019, 12:24 PM IST

नई दिल्‍ली: अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए वयोवद्ध श्रद्धालुओं के लिए इंडो-तिब्‍बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) फोर्स के जवान बड़ा सहारा बन कर सामने आए हैं. दरअसल, अमरनाथ यात्रा के दौरान जैसे जैसे हिमालय की ऊंचाई बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे वयोवद्ध श्रद्धालुओं की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिक्‍कतें बढ़ने लगती हैं. करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ज्‍यादातर वयोवद्ध श्रद्धालु सांस फूलने या सांस लेने में दिक्‍कत की शिकायत कर रहे हैं. ऐसे वयोवद्ध श्रद्धालुओं को अस्‍पताल ले जाए बिना, मौके पर उपचार देने में आईटीबीपी के जवान बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं. 

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आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को अमरनाथ यात्रा के दौरान एक वयोवद्ध श्रद्धालु की सांस लेने में दिक्‍कत के चलते लगभग अचेक की स्थिति में पहुंच गए. मौके पर मौजूद आईटीबीपी के जवानों ने पहले इन वयोवद्ध श्रद्धालु को ऑक्‍सीजन दिया, फिर उन्‍हें स्‍ट्रेचर पर लेकर समीप के हेल्‍थ कैंप की तरफ रवाना हो गए. समय रहते आईटीबीपी के जवानों की कोशिश के चलते इन वयोवद्ध श्रद्धालु की जान बचा ली गई. 

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आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ इसी तरह 12 हजार फीट की ऊंचाई पर एक अन्‍य वयोवद्ध श्रद्धालु ने सांस फूलने और दम घुटने की शिकायत आईटीबीपी के जवान से की. आईटीबीपी के जवान से बात करते करते यह वयोवद्ध श्रद्धालु लगभग मूर्छा की हालत में जाने लगे. जिसके बाद, आईटीबीपी के जवानों ने तत्‍काल उन्‍हें ऑक्‍सीजन मास्‍क लगाकर कृतिम सांसें दी. कुछ देर के प्रयास के बाद इन वयोवद्ध श्रद्धालु ने न केवल राहत महसूस की, बल्कि आगे की यात्रा के लिए तैयार हो गए. 

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आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि बीते वर्ष कई श्रद्धालुओं की मृत्‍यु हार्ट अटैक आने के चलते हो गई थी. डॉक्‍टरों से बातचीत में आईटीबीपी के अधिकारियों को पता चला था कि अधिक ऊंचाई में पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन न होने की वजह से इन श्रद्धालुओं का सांस लेने में दिक्‍कत हुई और उनको हार्ट अटैक आ गया. इस वर्ष यह परिस्थिति उत्‍पन्‍न न हो, इसके लिए आईटीबीपी के ज्‍यादातर जवानों को ऑक्‍सीजन सिलेंडर के साथ यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है. जिससे सांस लेने में दिक्‍कत महसूस कर रहे श्रद्धालुओं को समय रहते चिकित्‍सीय राहत उपलब्‍ध कराई जा सके. 

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आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, अमरनाथ यात्रा मार्ग पर तैनात बल सदस्‍यों के साथ मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है. ज्‍यादातर, जवानों को ब्‍लड प्रेशर और सुगर नापने का प्रशिक्षण दिया गया है. मंगलवार को ही एक महिला वयोवद्ध श्रद्धालु सामने आईं, जिनका अचानक सुगर बहुत बढ़ गया. जिसके चलते वह स्‍वस्‍थ्‍य महसूस नहीं कर रही थीं. आईटीबीपी के जवानों ने महिला का मौके पर सुगर चेक किया, फिर ऑक्‍सीजन मुहैया कराई, इसके बाद उन्‍हें समीप के मेडिकल कैंप में भेज दिया.