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जल्द ही वायुसेना को मिलेगी ताकत, शुरू हुई अपाचे हेलीकॉप्टर पायलटों की ट्रेनिंग

भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले अपाचे अटैक और चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टर्स में भारतीय पायलटों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. 

कृष्णमोहन मिश्रा | Oct 22, 2018, 18:30 PM IST

अपाचे के पायलटों की ट्रेनिंग पिछले हफ्ते से अमेरिका के फोर्ट रकर में शुरू हुई है.

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पठानकोट में बनेगी पहली स्कवाड्रन

First Squadron to be built in Pathankot

चिनूक के पायलटों की ट्रेनिंग अगस्त में शुरू हो चुकी है. अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली स्क्वाड्रन अगले साल जुलाई में पठानकोट में बनाई जाएगी. वहीं चिनूक की चंडीगढ़ में बनने वाली पहली स्क्वाड्रन अगले साल फरवरी-मार्च में तैनात हो जाएगी.

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वायुसेना को मिलेंगे 22 अपाचे हेलीकॉप्टर

22 Apache helicopters to meet Air Force

भारतीय वायुसेना को कुल 22 अपाचे हेलीकॉप्टर मिलेंगे जिन्हें पठानकोट और असम के जोरहट में तैनात किया जाएगा. अभी वायुसेना के पास मि-35 और मि-25 अटैक हेलीकॉप्टर्स हैं जो पठानकोट और राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात हैं. 

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इन इलाकों में होगी तैनाती

Will be deployed in these areas

वहीं भारी मालवाहक चिनूक हेलीकॉप्टर्स को चंडीगढ़ और असम के दिनजान में तैनात किया जाएगा. कुल 15 चिनूक हेलीकॉप्टर्स भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे. अभी वायुसेना के पास भारी मालवाहक के तौरपर रूस में निर्मित 4 मि-26 हैं जिनकी ओवरहालिंग की जा रही है.

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क्यों वायुसेना को चाहिए हेलीकॉप्टर

Why Air Force Should Helicopter

भारतीय वायुसेना पिछले काफ़ी समय से अपनी मारक क्षमता कम होने से परेशान है. फ़ाइटर स्क्वाड्रन की तादाद घटकर केवल 31 रह गई है, जिन्हें चीन औऱ पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर मुकाबला करने के लिए कम से कम 42 होना चाहिए. पहाड़ों औऱ जंगलों में आतंकवादियों और दुश्मनों से मुक़ाबला करने के लिए अटैक हेलीकॉप्टर बेहद कारगर होते हैं.

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वर्तमान हेलीकॉप्टर तीन दशक से ज्यादा पुराने

Current helicopter more than three decades old

आगे बढ़ते हुए दुश्मन के बख्तरबंद टुकड़ियों से मुक़ाबले में भी अटैक हेलीकॉप्टर मुख्य भूमिका निभाते हैं. लेकिन वायुसेना के पास मौजूद अटैक हेलीकॉप्टर्स तीन दशक से भी ज्यादा पुराने हैं. अपाचे के आ जाने से भारतीय वायुसेना की क्षमता में बहुत बढ़ोत्तरी होगी. अपाचे दुनिया के सबसे अच्छे अटैक हेलीकॉप्टर्स में गिना जाता है. ये रॉकेट, टैंकभेदी मिसाइलों और ज़मीन पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए मशीनगन से लैस होता है. इसमें दो क्रू मेंबर होते हैं और ये हर मौसम में कारगर हमला कर सकता है.

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पहाड़ी क्षेत्र में मजबूत होगी सेना

Army will be strong in hilly areas

भारत अपनी पहली माउंटेन स्ट्राइक कोर बना रहा है. इसे पहाड़ों पर बहुत कम समय में सैनिक और साजोसामान पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. भारतीय वायुसेना को मिलने वाले चिनूक हेलीकॉप्टर्स इसमें बहुत मददगार साबित होंगे.  (रिपोर्ट : कृष्णमोहन मिश्रा)