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मुंबई की लोकल ट्रेन मरीज के लिए बनी लाइफलाइन, ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल पहुंचाया गया लिवर

 इससे पहले हमेशा ही बॉडी ऑर्गन अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हमेशा ही ग्रीन कॉरिडोर्स और फ्लाइट्स का इस्तेमाल होता था

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Feb 16, 2019, 14:58 PM IST

मुंबईः आपने बॉडी ऑर्गन्स को लेकर लाने, ले जाने के लिए ग्री कॉरिडोर और फ्लाइट के इस्तेमाल के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या कभी किसी लोकल ट्रेन में बॉडी ऑर्गन्स को ले जाने के बारे में सुना है. जी हां, मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन का इस्तेमाल हाल ही में बॉडी ऑर्गन को ले जाने के लिए किया गया. मुंबई की लोकल ट्रेन से ठाणे के जुपिटर हॉस्पिटल से परेल के ग्लोबल हॉस्पिटल तक ले जाने के लिए किया गया. बता दें यह पहला मामला है जब किसी लोकल ट्रेन से बॉडी ऑर्गन को किसी अस्पताल तक पहुंचाया गया हो. इससे पहले कभी भी बॉडी ऑर्गन अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हमेशा ही ग्रीन कॉरिडोर्स और फ्लाइट्स का इस्तेमाल होता था, लेकिन इस बार मुंबई में लोकल ट्रेन की मदद से इसे अस्पताल तक पहुंचाया गया.

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डॉक्टरों की टीम ने लोकल ट्रेन सें लिवर पहुंचाया

Doctors team delivered Liver from local train

डॉक्टर्स का कहना है कि लोकल ट्रेन से बॉडी ऑर्गन को पहुंचाने का फैसला इसलिए किया गया क्योंकि सामान्य तौर पर रोड पर काफी ट्रैफिक होता है. ऐसे में रोड ट्रैफिक सें बचने के लिए डॉक्टरों की टीम ने लोकल ट्रेन सें लिवर पहुंचाया.

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परेल के ग्लोबल अस्पताल

Global Hospital of Parel

डोनेटेड लिवर शुक्रवार 15 फरवरी को दोपहर 2.50 मिनिट पर ठाणे स्टेशन लाया गया, जहां से दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर ठाणे से दादर जाने वाली लोकल ट्रेन सें इसे डॉक्टरो की एक टीम के साथ परेल के ग्लोबल अस्पताल के लिए भेज दिया गया.

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3 बजकर 33 मिनट पर दादर स्टेशन पहुंचा लिवर

Liver reached to Dadar station at 3.30 pm

यहां दादर स्टेशन पर दोपहर 3 बजकर 33 मिनट पर दादर स्टेशन पर पहुंचे. उसके बाद दादर स्टेशन सें ग्रीन कॉरीडोर बना कर परेल की ग्लोबल अस्पताल तक लिवर पहुंचाया गया.

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मुंबई में हाइवे ट्रैफिक

Highway traffic in Mumbai

इस मेडिकल में दल शामिल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉक्टर अनुराग मित्तल का कहना है कि ग्रीन कॉरीडर के बजाय हम पहली बार लोकल ट्रेन से लिवर ट्रांसप्लांट के लिए लेकर गए. इस समय मुंबई में हाइवे पर ट्रैफिक ज्यादा रहता है. इस ट्रैफिक सें बचने के लिए हम लोकल ट्रेन सें लिवर लेकर गए.

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बॉडी ऑर्गन जितना कम समय के लिए बर्फ में रहे उतना ही अच्छा होता है

Body Organ in Ice

लोकल ट्रेन की मदद से हम 45 मिनिट में ठाणे से परेल के जुपिटर अस्पताल तक पहुंच सके. ट्रांसप्लांट के लिए लाया लिवर जितने कम समय बर्फ में रहेगा उतना उसका ट्रान्सप्लांट के बाद का फंक्शन अच्छा रहेगा.