PHOTOS: पंडालों में विराजमान हुईं मां दुर्गा, देश भर में कुछ ऐसे मनाया जा रहा है शक्ति का उत्सव

देश में दुर्गा पूजा खासतौर पर बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, झारखंड और बिहार में धूमधाम से मनाई जाती है. 

शिखा जोशी | Oct 16, 2018, 16:40 PM IST

नई दिल्ली: देशभर में दुर्गा पूजा की धूम है. देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता, रांची, पटना सहित देश के कई हिस्सों में बड़े-बड़े पांडालों में मां के भक्त मां की पूजा अर्चना कर रहे हैं. हर साल की तरह इस साल भी अलग-अलग थीम पर बने पंडालों की शोभा देखते बन रही है. देश में दुर्गा पूजा खासतौर पर बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, झारखंड और बिहार में धूमधाम से मनाई जाती है. शरद नवरात्रि में षष्‍ठी से लेकर दशमी तक दुर्गा उत्‍सव मनाया जाता है. 

 

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बुराई पर अच्‍छाई का प्रतीक

Symbol of goodness on evil

मान्‍यता है कि देवी दुर्गा ने महिशासुर नाम के राक्षस का वध किया था. बुराई पर अच्‍छाई के प्रतीक के रूप में नवदुर्गा की पूजा की जाती है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि साल के इन्‍हीं नौ महीनों में देवी मां अपने मायके आती हैं. ऐसे में इन नौ दिनों को दुर्गा उत्‍सव के रूप में मनाया जाता है. 

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आकर्षण का केंद्र होते हैं पंडाल

center of attraction is Pandal

दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल आकर्षण का केंद्र रहते हैं. न सिर्फ बंगाल में बल्‍कि भारत समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्‍सों में देवी मां के भव्‍य पंडाल स्‍थापित किए जाते हैं. लोग अपने परिवार, रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों के मां के पंड़ालों में जाकर मां के दर्शन करते हैं. 

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सप्‍तमी को खुलते हैं मां के पट

doors of pandal open on Saptami

षष्‍ठी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा पंडालों में स्‍थापित की जाती है, जबकि सप्‍तमी को मां के पट भक्‍तों के लिए खोल दिए जाते हैं. इस दौरान एक से बढ़कर एक डिजाइन के पंडाल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. पंडालों के आसपास मेले भी लगते हैं, जिनमें खाने-पीने के ढेर सारे स्‍टॉल किसी के मुंह में भी पानी ला सकते हैं.

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भक्तिमय होता है वातावरण

Atmosphere is devotional

देशभर में जगह-जगह पंडाल सजाकर माता की पूजा अर्चना की जा रही है. पंडालों में षष्ठी, सप्तमी और अष्टमी को भक्त मां के दर्शन के लिए भारी तादात में जाते हैं. पंडाल के आसपास का समस्त वातावरण ही भक्ति में डूबा हुआ नजर आता है. 

 

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पंडालों में होते हैं कई कार्यक्रम

There are many programs in pandals

ज्यादातर पंडालों में रात के समय नृत्य, नाटक समेत कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इन आयोजन में हिस्सा लेने के लिए भारी तादात में लोग आते हैं. इसके साथ ही नियमित रूप से शाम के समय दुर्गा मां की आरती की जाती है

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प्रचलित है पौराणिक कथा

what is mythology

दुर्गा पूजा के संदर्भ में एक पौराणिक कथा प्रचलित है. इसके मुताबिक महिषासुर नाम के एक राक्षस ने धरती के लोगों को काफी परेशान कर दिया था. महिषासुर के अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए देवी-दवताओं ने दुर्गा मां से मदद मांगी. 

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पाप कर्मों से मिलती है मुक्ति

people get Liberation from Sin karma

दुर्गा जी ने महिषासुर का वध करके इस धरती को उसके पापों से सुरक्षित किया. दुर्गा पूजा को बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में दुर्गा पूजा करने से व्यक्ति को उसके पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है और वह धर्म के काम में लग जाता है.