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चंद्र ग्रहण 2018: भारत में आधी रात में दिखेगा ग्रहण, जानें क्यों और कब होती है ये घटना

18 साल बाद आज गुरु पूर्णिमा के दिन सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ने जा रहा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये घटना क्यों होती है. 

Jul 27, 2018, 10:24 AM IST

18 साल बाद आज गुरु पूर्णिमा के दिन सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ने जा रहा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये घटना क्यों होती है. 

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Lunar Eclipse 2018

Lunar Eclipse 2018

आज 27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. ये चंद्र ग्रहण लगभग चार घंंटे रहेगा. यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा और इसे बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकेगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के मुताबिक 27 जुलाई को रात 11 बजकर 54 मिनट 02 दो सेकेंड पर होगी. चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को सुबह 3:49 बजे समाप्त होगा. इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है.

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Chandra Grahan 2018

Chandra Grahan 2018

चंद्र ग्रहण खगोलीय शास्त्र में होने वाली एक बहुत बड़ी घटना है. हमारा सौरमंडल 8 ग्रहों से बना हुआ है. सौरमंडल का हिस्सा हमारी धरती भी है. चंद्रमा पृथ्वी के चारों तरफ घूमता है. चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है और यह पृथ्वी का चक्कर अंडाकार कक्षा में काटता है. पृथ्वी, सूरज और चंद्रमा की गतियों की वजह से ग्रहण पड़ते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चंद्र ग्रहण क्यों पड़ता है. इसका जवाब है कि चंद्रमा का पृथ्वी की ओट में आ जाना. उस स्थिति में सूर्य एक तरफ, चंद्रमा दूसरी तरफ और पृथ्वी बीच में होती है. जब चंद्रमा धरती की छाया से निकलता है तो चंद्र ग्रहण पड़ता है.

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Guru Purnima 2018

Guru Purnima 2018

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ता है लेकिन हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं पड़ता है. इसका कारण है कि पृथ्वी की कक्षा पर चंद्रमा की कक्षा का झुके होना. यह झुकाव तकरीबन 5 डिग्री है इसलिए हर बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश नहीं करता. उसके ऊपर या नीचे से निकल जाता है. यही बात सूर्यग्रहण के लिए भी सच है. सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन होते हैं क्योंकि चंद्रमा का आकार पृथ्वी के आकार के मुकाबले लगभग 4 गुना कम है. इसकी छाया पृथ्वी पर छोटी आकार की पड़ती है इसीलिए पूर्णता की स्थिति में सूर्य ग्रहण पृथ्वी के एक छोटे से हिस्से से ही देखा जा सकता है. लेकिन चंद्र ग्रहण की स्थिति में धरती की छाया चंद्रमा के मुकाबले काफी बड़ी होती है. लिहाजा इससे गुजरने में चंद्रमा को ज्यादा वक्त लगता है.

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Chandra Grahan time in India

Chandra Grahan time in India

चंद्र ग्रहण पूरी दुनिया में एक साथ ही शुरू होता है और एक साथ ही खत्म होता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर है कि वहां पर रात्रि का कौन सा समय चल रहा है. ग्रहण कहीं शाम को चंद्रोदय के वक्त या उसके बाद दिखेगा तो कहीं सुबह चंद्रास्त के आस-पास होगा. लेकिन भारत की बात करें तो यहां पर चंद्र ग्रहण मध्य रात्रि में शुरू हो रहा है. लिहाजा देश के सभी स्थानों पर यह एक साथ शुरू होगा और एक साथ ही खत्म होगा.

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why Chandra Grahan happens

why Chandra Grahan happens

चंद्रग्रहण काल के दौरान मंगल पृथ्वी के बेहद करीब होगा. इस संयोग के कारण ज्योतिषी इस ग्रहण को काफी प्रभावशाली मान रहे हैं. चंद्रग्रहण के दौरान मंगल और केतु के बीच त्रिग्रही योग बनेगा.  केतु के साथ मकर राशि में चंद्रमा के होने से भी ग्रहण योग बन रहा है. जब चंद्रमा और केतु किसी राशि में एकसाथ होते हैं तब ऐसा योग बनता है. यह पूर्ण खग्रास होगा अर्थात पूरा चंद्रग्रहण. यह चंद्रग्रहण इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि एक ही साल में यह दूसरा ब्लडमून चंद्रग्रहण होगा.(फोटो साभार: @Twitter)