Children's Day 2019: 70 साल पहले रतलाम आए थे जवाहरलाल नेहरू, बच्चों को दिया था यह अनोखा तोहफा

आज देश के पहले प्रधामनंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) की 130वीं जयंती है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Nov 14, 2019, 09:08 AM IST

चंद्रशेखर सोलंकी, रतलामः आज देश के पहले प्रधामनंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) की 130वीं जयंती है. दरअसल, पूर्व पंडित जवाहर लाल नेहरु को बच्चे बहुत पसंद थे और बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कहकर पुकारते थे. इसलिए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा. ऐसे में रतलाम के बच्चे अपने चाचा नेहरू का नाम देश ही नहीं विदेशों में भी रोशन कर रहे हैं. यहां स्थित व्यायाम शाला का नाम जवाहर लाल नेहरू के नाम पर जवाहर व्यायाम शाला रखा गया है.

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1954 में रतलाम आए थे जवाहरलाल नेहरू

 Jawaharlal Nehru came to Ratlam in 1954

70 साल पहले 1954 में जवाहरलाल नेहरू रतलाम आए थे. उन्होंने जवाहर नगर का शिलान्यास किया था. उसी समय व्यायामशाला की जमीन भी दी गई थी, जहां बच्चों को मलखंभ, कबड्डी और कुश्ती में पारंगत किया जाता है. यहां से निकलने वाले बच्चे मलखंभ का प्रदर्शन कर रतलाम का नाम रोशन कर रहे हैं. 

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विदेशों में भारतीय खेल कबड्डी और मलखम्भ का प्रदर्शन

शुरुआत में यहां मिट्टी का गड्ढा कर पहलवान जोर आजमाइश करते थे, लेकिन धीरे-धीरे लोगों के सहयोग से इसे आधुनिक व्यायाम शाला बना दिया गया. आज इस जवाहर व्यायामशाला के कई बच्चे न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी भारतीय खेल कबड्डी और मलखम्भ को लेकर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं. इन खिलाड़ियों का जब भी  विदेशों में प्रदर्शन होता है. भारत के जवाहरलाल नेहरू का नाम भी वहां गूंजता है.

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70 साल पुरानी है जवाहर व्यायामशाला

Jawahar Gymnasium is 70 years old

रतलाम की जवाहर व्यायाम शाला के संस्था सचिव बताते हैं कि यह व्यायामशाला करीब 70 साल पुरानी है. 1954 में जवाहरलाल नेहरू रतलाम आये थे तब उन्होंने रतलाम में जवाहर नगर का शिलान्यास किया था, उसी समय यह व्यायामशाला कि जमीन भी जो कि सज्जनमिल मजदूर संघ की थी उसी समय यह जगह व्यायाम शाला के लिए दी थी, तब से यहां स्व.राधाकिशन पहलवान ने यह व्यायाम शाला शुरू की थी और स्व. नारायण पहलवान इसका संचालन किया था.

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बच्चों को मलखंभ और कुश्ती के प्रति करते हैं जागरुक

Make children aware of Malkhamb and wrestling

जवाहर व्यायामशाला शाला में बच्चों को भारतीय खेल कुश्ती और मलखम्भ के लिए जागरूक किया गया. अब यह व्यायामशाला आधुनिक भी हो चुकी है और बच्चों ने भी भारतीय प्राचीन विलुप्त होते खेल मलखम्भ के प्रति रुचि दिखाई. आज इस जवाहर व्यायाम शाला के  मलखम्भ के बच्चे विदेशों तक में इस कला का प्रदर्शन करते हैं.

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भारतीय परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं रतलाम के बच्चे

 Ratlam's children are advancing the Indian tradition

यहां के बच्चे योग में भी कुशल प्राशिक्षण ले रहे हैं और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जवाहर लाल नहरु की तरह बनने का लक्ष्य रखते हैं. यहां प्राशिक्षण ले रहे बच्चे बताते हैं कि जवाहर लाल नेहरू जो की हमारे देश के पहले प्रधान मंत्री रहे वह बच्चों से लगाव रखते थे. हम भी उनके इस लगाव का आदर करते हुए देश का नाम रोशन करना चाहते हैं.

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आधुनिक हो गई है व्यायामशाला

Gymnasium has become modern

जवाहर व्यायामशाला शाला में बच्चों को भारतीय खेल कुश्ती और मलखम्भ के लिए जागरूक किया गया. अब यह व्यायामशाला आधुनिक भी हो चुकी है और बच्चों ने भी भारतीय प्राचीन विलुप्त होते खेल मलखम्भ के प्रति रुचि दिखाई. आज इस जवाहर व्यायाम शाला के  मलखम्भ के बच्चे विदेशों तक में इस कला का प्रदर्शन करते हैं.