जब पिता को मिला यह सम्मान तो छलक पड़े दीपिका पादुकोण के आंसू

पिता को सम्मान मिलता देख दीपिका पादुकोण की आंखों से आंसू छलक पड़े. 

Jan 30, 2018, 10:58 AM IST

पिता को सम्मान मिलता देख दीपिका पादुकोण की आंखों से आंसू छलक पड़े. 

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Deepika Padukone, Prakash Padukone,

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भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के पहले लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजे गए दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने देश में खेल के स्तर पर संतोष जताया, लेकिन कहा कि अगर शीर्ष देशों की बराबरी करनी है तो प्रतिभावान खिलाड़ियों का सही आयु और समय पर सुविधाएं मुहैया करानी होंगी. राष्ट्रमंडल खेलों और आल इंग्लैंड चैंपियनशिप के पूर्व विजेता पादुकोण को पहले बीएआई लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया. भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पादुकोण को प्रशस्ति पत्र, शाल, स्मृति चिन्ह और 10 लाख रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया. अपने परिवार वालों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि मेरे परिवार, माता पिता, भाई बहन, पत्नी और बेटियों को भी धन्यवाद. इस मौके पर दीपिका पादुकोण की आंखों से आंसू छलक पड़े. 

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प्रकाश पादुकोण ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा कि पहले ही साल में यह लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मेरे लिए सम्मान की बात है. मैं इस सम्मान के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ का आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने कहा कि बैडमिंटन से आज जो प्रगति की है उससे मैं काफी खुश हूं. खेल से जुड़ने वालों खिलाड़ियों और टूर्नामेंटों की संख्या में इजाफा हुआ है. प्रायोजन राशि भी बढ़ी है. हमारे खिलाड़ी शीर्ष टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे क्रिकेट के बाद बैडमिंटन देश का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल बना है.

 

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उन्होंने कहा कि लेकिन हमें अपनी सफलताओं से ही खुश नहीं होना चाहिए तथा और बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए. बीएआई और राज्य संघों को प्रतिभा को निखारने की दिशा में काम करना चाहिए. प्रत्येक क्षेत्र में कम से कम एक अकादमी होनी चाहिए, प्रत्येक राज्य में एक अकादमी होनी चाहिए जिसका खर्चा सरकार या बीएआई उठाए. 

 

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यही आयु और समय पर समर्थन की जरूरत पर बल देते हुए पादुकोण ने कहा, ‘‘सहयोग सही आयु और सही समय पर मिलना चाहिए अन्यथा प्रतिभा खो जाएगी और वह हताश होकर खेल को छोड़कर अन्य क्षेत्र में चला जाएगा. अगर सही समर्थन मिला तो भारत चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान जैसे शीर्ष देशों की बराबरी कर सकता है. अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो इसका मतलब यही नहीं है कि देश में प्रतिभा की कमी है, यह किसी अन्य कारण से होगा.

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देश में खेल की प्रगति के लिए पादुकोण ने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि इस मौके पर भारत में बैडमिंटन की प्रगति में खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. भारतीय बैडमिंटन की सबसे अधिक किसी ने मदद की है तो वह खेल मंत्रालय और साइ है. मैं सुनिश्चित होकर कह सकता हूं कि उनके समर्थन के बिना भारत में बैडमिंटन मौजूद स्थिति में नहीं पहुंच पाता. बाकी सभी संगठनों ने सिर्फ उनके सहयोग को आगे बढ़ाया. (सभी तस्वीरें PTI से साभार)