परिवार ने किया वर्जिनिटी टेस्ट का विरोध, तो पंचायत ने किया ये हाल...

21वीं सदी में भी प्रवेश के बावजूद भारत में कौमार्य परीक्षण का रिवाज खत्म नहीं हो पाया है.

आशु दास | May 16, 2019, 22:23 PM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कंजरभट समुदाय के एक परिवार ने महिलाओं के कौमार्य परीक्षण की प्रथा का विरोध करने पर सामाजिक बहिष्कार किये जाने को लेकर पुलिस से संपर्क किया है. 

1/5

4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

Case against 4 people

उन्होंने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर ठाणे पुलिस ने यहां अंबरनाथ कस्बे के चार लोगों के खिलाफ बुधवार की रात महाराष्ट्र जन सामाजिक बहिष्कार निषिद्ध (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. 

2/5

पिछले साल हुआ था परिवार का बहिष्कार

Family boycott last year

शिकायतकर्ता विवेक तमाइचिकर ने पुलिस को बताया कि उनके समुदाय की जाति पंचायत ने बीते एक साल से उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया है क्योंकि उन्होंने उस प्रथा का विरोध किया था जिसके तहत नवविवाहित महिला को यह साबित करना होता है कि वह शादी से पहले कुंवारी थी. 

 

3/5

पंचायत ने समुदाय के लिए लोगों को निर्देश

Panchayat directs people to the community

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पंचायत ने समुदाय के सभी सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे उनके परिवार के साथ किसी तरह का संबंध न रखें. विवेक ने संवाददाताओं से कहा ‘‘सोमवार को मेरी दादी का देहांत हो गया लेकिन बहिष्कार की वजह से समुदाय के लोग अंतिम संस्कार के लिए नहीं आए. उसी दिन कस्बे में एक विवाह था और समुदाय के लोग वहां जश्न के लिए चले गए. ’’ 

4/5

अभी तक नहीं हो सकी कोई गिरफ्तारी

No arrests yet

शिकायतकर्ता ने कहा कि प्रगतिशील समाज में इस तरह के बहिष्कार की कोई आवश्यकता नहीं है. अंबरनाथ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. 

 

5/5

जल्द बनेगा दंडनीय अपराध

Will soon become punishable offense

महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल फरवरी में कहा था कि वह जल्द ही महिला को कौमार्य परीक्षण कराने के लिए बाध्य करने को दंडनीय अपराध बनाने जा रही है.