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भारत में यहां हो रही है ड्रैगन फ्रूट की बंपर खेती, जानें क्यों इसे कहते हैं सुपरफ्रूट

इन दिनों छत्तीसगढ़ के पखांजूर क्षेत्र में ये फल पाया जा रहा है. पखांजुर के ग्राम कापसी में भी इस विदेशी फल का खेती होने लगी है. 

Aug 21, 2019, 08:42 AM IST

पखांजुर, शंकर सरकार: क्या आप ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानते है? अगर नहीं, तो हम आपको बताते हैं.  ड्रैगन फ्रूट एक ऐसा विदेशी फल है जो सिर्फ थाईलैंड, मेक्सिको और सेंट्रल एशिया में पाया जाता है. लेकिन इन दिनों छत्तीसगढ़ के पखांजूर क्षेत्र में ये फल पाया जा रहा है. पखांजुर के ग्राम कापसी में भी इस विदेशी फल का खेती होने लगी है. 

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छत्तीसगढ़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती

Dragon fruit cultivation in Chhattisgarh

ड्रैगन फ्रूट जिसे पिताया फल नाम से भी जानते हैं, इसे ज्यादातर मेक्सिको और सेंट्रल एशिया में खाया जाता है. ड्रैगन फ्रूट की खेती थाईलैंड देश मे व्यापक पैमाने में की जाती है, जो अब भारत के पखांजुर में भी हो रही है, विदेश में ड्रैगन फ्रूट की मांग अधिक है जिस कारण इस फल का कीमत भी अधिक है.

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कई बीमारियों को करता है दूर

Cures many diseases

ड्रैगन फ्रूट सिर्फ एक फल नहीं है बल्कि मनुष्य जीवन के कई रोगों की दवा भी है. इसे खाने से मनुष्य के कई बीमारी ठीक हो जाते है, जिसमे से प्रमुख रूप से मधुमेह, हृदय संबंधित रोग, चर्म रोग आदि के लिए कारगर है. मोटापा दूर करने में भी ये फल बहुत सहायक है. 

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ऐसे मिला बीज

how seed got

एक किसान ने बताया कि किसान विद्युत मंडल के एक बांग्लादेशी मित्र ने थाईलैंड से ड्रैगन फल का बीज भारत लेकर आया. बीज मिलने के बाद विद्युत मंडल ने पखांजूर के ग्राम कापसी में इस फल का खेती करने का मन बनाया और दो साल पूर्व इस ड्रैगन फल की बीज अपना एक खेत में लगाया. जो बढ़ कर पौधे में फल आने लगा है.

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600-700 रुपये किलो में बिकता है फल

Fruit sells for Rs 600-700 a kg

लाल रंग का ये विदेशी फल देखने मे काफी सुंदर, स्वादिष्ट एवं मीठा होता है, जिसकी बाजार में कीमत 600 रुपये से 700 रुपये प्रति किलो ग्राम है. किसान विद्युत मंडल को इस फल की खेती से ज्यादा मुनाफा हो रहा है. फसल से ज्यादा कमाई होने के कारण किसान अब ड्रैगन फ्रूट की खेती की बात कर रहे हैं. विद्युत मंडल ने आने वाले दिनों में इस फल की फसल दो एकड़ की भूमि में करने की मन बना लिया है.

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कैसे होती है खेती

How is farming

विद्युत मंडल के अनुसार, यह एक आधुनिक खेती हैं. इसमें खर्चा कम होता हैं और सिंचाई के लिए पानी कम लागत है. इसके तना वेल रस्सी की तरह लम्बा होता रहता हैं, जिसके लिए उसे प्रयाप्त जगह की आवश्कता पड़ती हैं.  इसलिए प्रत्येक वृक्ष को खम्बे के साहारे लकड़ी के घुरी बनाकर ऊपर चढ़ाना पड़ता हैं, ऐसा नहीं करने पर फसल को बचा पाना संम्भव नहीं हैं. इस प्रकार का पौधा एक प्रकार से वेल जैसा होता हैं.

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ऐसा दिखता है फल

how fruits looks

ड्रैगन फ्रूट लाल रंग का दिखने में गोल कांटेदार सुंदर होता है. फल पकने पर नरम हो जाता है. ये खाने में स्वादिष्ट एवं मीठा होता है. इसका स्वाद तरबूज और किवी फलों के समान ही होता है. 

 

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ड्रैगन फ्रूट्स है सुपरफ्रूट

Dragon fruits is superfruit

ड्रैगन फ्रूट्स को सुपरफ्रूट माना जाता है क्योंकि इसके कई हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं. ड्रैगन फ्रूट में ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स, फाइबर्स और विटमिन सी पाया जाता है. यह कई गंभीर बीमारियों से रिकवरी में मदद करता है. ड्रैगन फ्रूट में विटमिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है. सप्लिमेंट्स लेने के बजाय बेहतर होगा विटमिन सी फल के रूप में लें, जिसका ज्यादा फायदा होगा.