सरकार ने चंबंल नदी परियोजना के लिए आवंटित किए थे पैसे, अधिकारियों ने खरीदी कार

मामले पर चंबल परियोजना प्रबंध समिति जांच की मांग के साथ मामले को मुखयमंत्री तक ले जाने की तैयारी कर रही है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Jan 06, 2019, 12:59 PM IST

चंबल नदी की मरम्मत सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंबल नदी के जर्जर हालत को ठीक करने के लिए आवंटित किए गए पैसों से अभियंताओ और अफसरों ने 1.5 करोड़ का भुगतान कर अपने लिए 10 लग्जरी गाड़ियां खरीद ली. इन गाड़ियों का इस्तेमाल अधीक्षण अभियंताओं से लेकर सहायक अभियंता कर रहे हैं. इसके आलावा अभियंताओं के आवाज और दफ्तरों की मरम्मत पर भी मोटी राशि खर्च की गई है.

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1274 करोड़ किए गए थे आवंटित

Kota, Chambal River

1274 करोड़ की इस परियोजना में अब तक केवल 180 करोड़ का ही काम हुआ. वर्ष 2012-13 में राज्य सरकार ने चम्बल की दाई और बाई मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण की परियोजना के लिए 1274 करोड़ रूपए की परियोजना मंजूर की थी ये परियोजना नाबार्ड वित्त पोषित है. 

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तीन चरण में पूरा होना था काम

Kota, Chambal River

इसमें तीन चरणों में काम किया जाना था इसमें अब तक चार सौ करोड़ रूपए के काम चल रहे हैं. अब तक केवल 180 करोड़ के काम हुए हैं अभियंताओ का कहना है कि नहरों की मरम्मत के लिए साल में केवल ढाई महीने का ही समय मिलता है. इस कारण काम में देरी हो रही है.

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मामले में हो रही जांच की मांग

Kota, Chambal River

इस मामले पर चंबल परियोजना प्रबंध समिति जांच की मांग के साथ मामले को मुखयमंत्री तक ले जाने की तैयारी कर रही है.

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परियोजना के पैसों से गाड़ी खरीदने का आरोप

Kota, Chambal River

उनका कहना हे की सीएडी के अधिकारियों की नहरों के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण पर कोई धयान नहीं हे बजट आते ही नहरों की मरम्मत का कार्य शुरू करने के बजाये दस लग्जरी गाड़ियां खरीद ली गईं.   

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चम्बल नहरी से जुड़ी अहम जानकारी

Kota, Chambal River

आपको बता दें, 1960 में चम्बल नहरी तंत्र विकसित हुआ था. मुख्य नहर की दाईं, बाईं शाखाओं, उपशाखाओ और वितरिकाओं की संख्या 63 है. दाई मुख्य नहर का सिंचित क्षेत्र 1.27 लाख हेक्टेयर है जब्कि बाई मुख्य नहर का सिंचित क्षेत्र 1.2 लाख हेक्टेयर है.

 

रिपोर्ट बाय- हिमांशु मित्तल, कोटा