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9 दिन में देशी-विदेशी पर्वतारोहियों ने फतह की GHNP की चोटी, नाम रखा 'काया पीक'

तीर्थन घाटी के प्रमुख केंद्र ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को साल 2014 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है. यह नेशनल पार्क भारत के बहुत ही खूबसूरत नेशनल पार्कों में से एक है. 

Jul 10, 2019, 16:12 PM IST

कुल्लू, (यशराज): विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में विदेशी पर्वतारोही और स्थानीय युवा ने नई ऊंची पर्वत चोटी की तलाश की और चोटी के तलाश के बाद उसका नामकरण भी किया. नेशनल पार्क में अभी अनेक ऐसी चोटियां हैं, जिनके बारे में लोगों को नाममात्र जानकारी है. तीर्थन घाटी के प्रमुख केंद्र ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को साल 2014 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है. यह नेशनल पार्क भारत के बहुत ही खूबसूरत नेशनल पार्कों में से एक है. इसका क्षेत्रफल करीब 765 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. 

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तलाश की नई पर्वत चोटी

New mountain peak of discovery

विदेशी पर्वतारोहियों और स्थानीय युवाओं ने ऊंची पर्वत चोटी की तलाश की. कनाडा निवासी पर्वतारोही ने बेटी की याद में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की ऊंची चोटी को फतह किया. 

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चोटी को दिया ये नाम

mountain named kaya peak

पहली बार 45 सदस्यों के दल ने फतह की ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (GHNP) की चोटी फतह की. कनाडा निवासी पर्वतारोही मैक्स ने इस पीक को अपनी बेटी का नाम दिया है. उन्होंने इस चोटी को 'काया पीक' नाम दिया है.  

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बेटी की याद में किया पर्वतारोहण

Climber in memory of daughter

मैक्स ने अपने बेटी काया की याद में पर्वतारोहण किया. काया की मौत पिछले साल हुई थी, जिसकी उम्र 18 साल थी. मैक्स ने बताया उनकी बेटी काया लेखिका थी. 

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अस्थियों की राख को चोटी पर रखा

ashes of bones

मैक्स ने काया पीक पर हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार चोटी पर ॐ के मंत्रोचारण के साथ अपने बेटी की अस्थियों की राख को रखा. 45 सदस्यों के दल में 8 विदेशी शामिल थे.

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45 सदस्यों में 9 विदेशी सैलानी

9 foreign tourists in 45 members

पार्क की सुकेती टॉप के लिए निकले इस दल में नौ विदेशी सैलानियों के साथ स्थानीय 45 युवा शामिल हैं. इस दल के मुख्य लीडर सनशाइन एडवेंचर हामणी के निदेशक पंकी सूद कर रहे हैं. 

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9 दिन में पूरा किया सफर

Travel completed in 9 days

यह चोटी कुल्लू जिला के तीर्थन से 35 किलोमीटर की पैदल दूरी पर स्थित है. पर्वतारोहियों ने 9 दिन में सफर पूरा किया.