close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

PHOTOS: रेलवे हुआ ईको-फ्रेंडली, MP के इस स्टेशन में मिल रहा पत्तों के दोनों पर खाना

आज प्लास्टिक का प्रयोग इतना बढ़ गया कि अब यह पर्यावरण के लिए जहर बन गया है और इस प्लास्टिक प्रदूषण से बचने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी पहल की शुरुआत कर दी है.

Sep 23, 2019, 17:35 PM IST

चन्द्रशेखर सोलंकी/नई दिल्ली: दक्षिण भारत में आपने केले के पत्तों पर लोगों को भोजन करते देखा होगा. अब इसकी शुरुआत पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल में भी हो गई है. रेलवे का ये नवाचार यात्रियों को पसंद आ रहा है. एक समय था जब रेल में यात्रा के दौरान पेड़ के पत्तो से बने दोने पत्तल में खाने की चीजें रेलवे स्टेशनों पर मिलती थी, लेकिन समय बदला और बदलते वक्त में पत्तों की जगह प्लास्टिक ने ले ली.  आज प्लास्टिक का प्रयोग इतना बढ़ गया कि अब यह पर्यावरण के लिए जहर बन गया है और इस प्लास्टिक प्रदूषण से बचने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी पहल की शुरुआत कर दी है. इसी पहल से जुड़कर रतलाम रेल मंडल डीआरएम आर.एन. सुनकर ने इस दिशा में कदम रखा है. 

1/5

पत्ते के दोनो में खाने की वस्तुएं यात्रियों को दी जा रही

Eco Friendly Plates in ratlam madhya pradesh

रतलाम रेल मंडल में पोलिथिन प्रयोग को बंद करने के लिये स्टेशनों पर पत्ते से बने दोने में खाद्य सामग्री देने की शुरुआत की है. रतलाम रेलवे स्टेशन सहित, मंदसौर, नीमच, इंदौर, महू, पाताल पानी, काला कुंड पर इसकी शुरुआत कर दी गई है. इन स्टेशनों पर स्टालों पर पत्ते के दोनो में खाने की वस्तुएं यात्रियों को दी जा रही है. 

2/5

राजधानी एक्सप्रेस में भी प्लास्टिक क्रश मशीन का उपयोग शुरू

Eco Friendly Plates in ratlam madhya pradesh

डीआरएम ने खुद रविवार को एक ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी है. वहीं, राजधानी एक्सप्रेस में भी प्लास्टिक क्रश मशीन का उपयोग शुरू किया गया है. 

3/5

पर्यावरण प्रदूषण मुक्त

Eco Friendly Plates in ratlam madhya pradesh

इस पहल को लेकर ज़ेडयूआरसीसी ( Zonal Railway Users Consultative Committee ) के मेंबर उमेश झालानी भी इस पहल को एक सफल प्रयोग बता रहे हैं. इस पहल से पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त होने और पॉलीथिन प्रयोग बंद करने का कारगर कदम बताया और सराहना भी की. 

4/5

स्टाल पर पत्ते के बने दोनों में खाने की सामग्री शुरू

Eco Friendly Plates in ratlam madhya pradesh

वहीं यात्री स्टाल वेंडर ने भी इसकी शुरुआत कर दी है और अपने स्टाल पर पत्ते के बने दोनों में खाने की सामग्री देना शुरू कर दिया है. यात्री भी इस पहल से खुश हैं. 

5/5

इन्हें सड़ा कर खाद भी बनाई जा सकती है

Eco Friendly Plates in ratlam madhya pradesh

वैसे अगर आपको याद हो तो बचपन में आपने भी कहीं न कहीं इन दोनों पर खाना जरूर खाया होगा. गांव-देहात में अभी भी कई जगह दुकानों पर इन्हीं दोनों पर समोसा-पकौड़ी और चाट जैसी चीजें मिलती हैं. इनकी खास बात ये है कि दोनों पूरी तरह ईको-फ्रेंडली हैं. इस्तेमाल के बाद इन्हें जानवरों के लिए फेंक दें या फिर इन्हें सड़ा कर खाद भी बनाई जा सकती है. प्लास्टिक की तरह ये पर्यावरण और जानवरों के लिए हानिकारक नहीं हैं.