जब फूट-फूट कर रोए Jet Airways के क्रू मेंबर्स, कहा- 'हमें और हमारे परिवार को बचा लो'

एयरलाइन के बंद हो जाने की वजह से करीब 16,000 कंपनी के पे-रॉल कर्मचारी और 6,000 अनुबंध वाले कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Apr 18, 2019, 21:23 PM IST

नई दिल्ली: जेट एयरवेज के 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हो चुके हैं. बैंकों की तरफ से 450 करोड़ की तात्कालिक मदद नहीं मिलने की वजह से गुरुवार को एयरलाइन का परिचालन बंद हो गया. हजारों बेरोजगार कर्मचारियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. इस दौरान जेट के कर्मचारी फूट-फूट कर रोते नजर आए. हर किसी की आंखें नम थी और मैनेजमेंट के ऊपर उनका गुस्सा था. प्लेकार्ड पर मैसेज लिखकर ये कर्मचारी 'Save Jet Airways' की अपील कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि मैनेजमेंट की गलती की वजह से आज वे बेरोजगार हो गए हैं और कंपनी बंद हो चुकी है. बता दें, गुरुवार को जेट की आखिरी फ्लाइट, बोइंग 737 अमृतसर से मुंबई हवाई अड्डे पर उतरी. कंपनी पर 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है. एयरलाइन के बंद हो जाने की वजह से करीब 16,000 कंपनी के पे-रॉल कर्मचारी और 6,000 अनुबंध वाले कर्मचारी अचानक से बेरोजगार हो गए हैं.

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Jet Airways Employees crying at Jantar Mantar and appeal to save airlines

जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने वेतन के भुगतान में विलंब और कंपनी की बदहाली के लिए सरकार और कर्जदाताओं को जिम्मेदार ठहराया. एयरलाइन में सिक्योरिटी सुपरवाइजर सोनल गुप्ता ने कहा, "सरकार को इसे बेहतर तरीके से संचालित की होती और आपातकालीन वित्तपोषण प्रदान करके समय पर हस्तक्षेप किया जाता तो एयरलाइन को बचाया जा सकता था."

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Jet Airways Employees crying at Jantar Mantar and appeal to save airlines

गुप्ता को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है और उनको अपने बच्चों की स्कूल फीस भरने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारी ज्यादातर कर्मचारियों ने बताया कि उनको बिना भुगतान के अवकाश पर जाने को कहा गया है. इंजीनियरिंग विभाग में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा कि संकट के लिए कर्जदाता ज्यादा कसूरवार हैं. 

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Jet Airways Employees crying at Jantar Mantar and appeal to save airlines

नाम जाहिर न करने की इच्छा रखने वाले इस कर्मचारी ने कहा, "पहले उन्होंने 1,500 करोड़ रुपये देने का वादा किया. उसके बाद उन्होंने कहा कि वे 1,000 करोड़ रुपये का अंतरिम वित्तपोषण प्रदान करेंगे. अंत में उन्होंने कोई भी अंतरिम मदद देने से इनकार कर दिया."

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Jet Airways Employees crying at Jantar Mantar and appeal to save airlines

एक एग्जिक्यूटिव ने कहा, "हमारे पास अब करने को कुछ नहीं है. सिक्योरिटी और इंजीनियरिंग विभाग सेवा में तीसरे पक्ष हैं. हमारे पास तब तक करने को कुछ नहीं है जब तक दोबारा उड़ानें शुरू नहीं हो जातीं."