Zee Rozgar Samachar

कुंभ मेला 2019: आस्था के संगम में किन्नर अखाड़ा की 'डुबकी', तस्वीर देखकर आप भी कहेंगे- वाह

किन्नर अखाड़ा में सैकड़ों की संख्या में किन्नर साधु-सन्यासी शामिल हुए. 

नागा सन्यासियों का शाही स्नान देखने भारी तादाद में लोग संगम क्षेत्र में मौजूद थे. 

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शाही स्नान के साथ, कुंभ मेले में 'किन्नर अखाड़ा' की शुरुआत हुई.

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नई दिल्ली: मकर संक्रांति पर अखाड़ों के नागा साधुओं के शाही स्नान के साथ ही कुंभ मेला मंगलवार से प्रारंभ हो गया. कड़कड़ाती ठंड में सुबह पांच बज कर करीब 45 मिनट पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और पंचायती अटल अखाड़ा के नागा साधु-सन्यासी अपने लाव-लश्कर के साथ संगम पहुंचे और संगम में डुबकी लगाई. अटल अखाड़ा के बाद श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा के नागा साधु संतों से शाही स्नान किया. 

 

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'किन्नर अखाड़ा' के सदस्य डुबकी लगाते हुए.

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नागा सन्यासियों का शाही स्नान देखने भारी तादाद में लोग संगम क्षेत्र में मौजूद थे. आनंद अखाड़ा के शाही स्नान के बाद नागा साधुओं के सबसे बड़े अखाड़े श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के साधु सन्यासियों के साथ पहली बार किन्नर अखाड़ा भी शाही स्नान में शामिल हुआ है. 

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ट्रांसजेंडर साधुओं के साथ किन्नर अखाड़ा ने कुंभ में आगाज किया.

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किन्नर अखाड़ा में सैकड़ों की संख्या में किन्नर साधु-सन्यासी शामिल हुए. ऊंट, हाथी और घोड़ों पर सवार किन्नर सन्यासियों को देखने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा. श्रद्धालु इन पर फूलों की बारिश कर रहे थे. किन्नर संतों ने सुंदर साड़ियां पहन रखी थीं और खूब श्रृंगार कर रखा था जिससे उनकी यह यात्रा एक अलग ही छठा बिखेर रही थी. 

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किन्नर अखाड़ा के लिए कुंभ में एंट्री आसान नहीं थी.

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किन्नर अखाड़ा के लिए कुंभ में एंट्री इतनी आसान नहीं थी. सभी 13 अखाड़ों की संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने पहले ही किन्नर अखाड़े को मान्यता देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद विरोध के बाद किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी. तब जाकर उन्हें किन्नर अखाड़े की रूप में मान्यता मिली.

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सभी अखाड़ों को बारी-बारी से स्नान के लिए आधे से पौन घंटे का समय दिया गया

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संगम में सभी अखाड़ों को बारी-बारी से स्नान के लिए आधे से पौन घंटे का समय दिया गया था. सुबह का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होने के बावजूद बड़ी तादाद में लोग गंगा और संगम में डुबकी लगा रहे थे जिसमें बुजुर्ग भी शामिल थे. {सभी फोटो साभार-  Reuters}