कन्याकुमारी का विवेकानन्द रॉक मेमोरियल, जहां से भारत की विभूति को मिली जीवन की दिशा

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित विवेकानन्द रॉक मेमोरियल देश का काफी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | May 29, 2019, 21:33 PM IST

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित विवेकानन्द रॉक मेमोरियल देश का काफी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. 1892 में कन्याकुमारी पहुंचे स्वामी विवेकानंद ने इस निर्जन स्थान पर आकर साधना की थी. माना जाता है कि इसके बाद विवेकानंद जी को जीवन के लक्ष्य के लिए मार्ग दर्शन प्राप्त हुआ था. इसके बाद ही स्वामी विवेकानंद ने शिकागो सम्मेलन में भाग लिया था. जिस दौरान भारत और भारतीय धर्म संस्कृति के वैभव का उन्होंने विश्व जनमानस में प्रसार करने में सफलता पाई. स्वामी विवेकानंद के इन संदेशों को आम लोगों से रुबरू कराने के लिए 1970 में इसका निर्माण किया गया.

 

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प्रभावशाली मूर्ति करती है आकर्षित

vivekanand memorial, Kanyakumari

विवेकानन्द रॉक मेमोरियल के अंदर स्वामी विवेकानंद की कांसे की बनी प्रभावशाली मूर्ति है. जिसे देखने पर स्वामी जी के व्यक्तित्व का एकदम सजीव दर्पण प्रतीत होता है. 

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रॉक का है एक अपना अलग इतिहास

vivekanand memorial, Kanyakumari

स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, इसी पहाड़ी पर देवी कुमारी ने भी तपस्या की थी. यहां आने वाले दर्शनार्थियों के ध्यान लगाने के लिए मेमोरियल के अंदर ध्यान मंडपम भी है.

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रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे स्वामी विवेकानंद

vivekanand memorial, Kanyakumari

स्वामी विवेकानंद बेलूर मठ के पुजारी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे. जहां स्वामी विवेकानंद मूर्ति पूजा का विरोध करते थे. वहीं रामकृष्ण परमहंस मां काली के उपासक थे. रामकृष्णजी ने विवेकानंद के जीवन पर काफी गहरा प्रभाव डाला था. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी स्वामी विवेकानंद के विचारों का काफी प्रभाव रहा है.