पुलवामा में शहीद हुए महाराष्ट्र के वीर राहुल कारंडे को गमगीन आंखों से दी गई विदाई

शनिवार को इन शहीद जवानों के पार्थिव श‍रीर उनके घर पहुंचाए गए. वहां शहीदों को अंतिम विदाई दी गई है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Feb 17, 2019, 14:51 PM IST

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए CRPF जवान में महाराष्ट्र की माटी का लाल राहुल कारंडे भी शामिल थे. राज्य के सांगली जिले के रहने वाले CRPF जवान राहुल कारंडे का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए आस-पास के गांव से सैकड़ो लोग इकट्ठा हुए थे. गुरुवार को जैश ए मोहम्‍मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. शनिवार को इन शहीद जवानों के पार्थिव श‍रीर उनके घर पहुंचाए गए. वहां शहीदों को अंतिम विदाई दी गई है.

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शहीद को 21 गोलियों की दी गई सलामी

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देश की सुरक्षा के लिए तैनात 30 वर्षीय शहीद राहुल कारंडे को महाराष्ट्र पुलिस और सीआरपीएफ की टूकड़ी ने उन्हें 21 गोलियों की सलामी दी. महाराष्ट्र में सांगली जिले के कवले महाकाल तालुका के रहने वाले कारंडे ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी.

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पूरा परिवार भारतीय सेना में रहकर मातृभूमि की कर रहा है सेवा

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सांगली जिले के विठुरायाची वाडी नामक गांव में राहुल का परिवार रहता है. राहुल दस साल पहले  सैन्य में भर्ती हुए थे. वह पंजाब के पठाणकोट में तैनात थे. सेना और राहुल के पिता पिता बजरंग भी भारतीय सेना में थे. पिता के बाद राहुल का बड़ा भाई सतीश भी सेना मे शामिल हुआ था. जिसके बाद राहुल खुद भी सेना में भर्ती हो गए. 

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शहीद राहुल की है 6 और 3 साल की बेटी

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वो अपनी पत्नी और जो बच्चो के साथ पठानकोट में ही रहते थे. उनकी दो बेटीयां है. बडी बेटी छह साल की है और छोटी तीन साल की. मां भारती के वीर सपूत को अंतिम विदाई और श्रद्दांजली देने के लिए आसपास के गांव से हजारों लोग आए थे.

 

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शांत भाव से सांगली के इस वीर सपूत को लोग दे रहे थे अंतिम विदाई

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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले का शिकार हुआ माटी के इस लाल के अंतिम संस्कार के दौरान आस-पास के गांवों से आए ग्रामीण शांत और स्थिर भाव से उनके अंतिम संस्कार को देख रहे थए. इस दौरान मौजूद लोगों की आंखे नम थी. 

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उनके अंतिम संस्कार के दौरान जिले के आलाधिकारिओं के अलावा सीआरपीएफ के कई अधिकारी मौजूद थे. जो जम्मू-कश्मीर में जान- गंवाने वाले अपने इस इस वीर साथी की अंतिम यात्रा के दौरान उनके परिवार के लोगों का हौसला बढ़ा रहे थे. आतंकी हमले का शिकार हुए सीआरपीएफ के जवानों की मौत के बाद सारा देश गमगीन था.