मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील

 मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है. इससे वहां अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना मिली है.

Jul 26, 2018, 13:33 PM IST

मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है. इससे वहां अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना मिली है.

1/6

Liquid water found on Mars-1

Liquid water found on Mars-1

पृथ्वी के हर छोर पर अपना घर बना चुका इंसान अब दूसरे ग्रहों को रुख करने लगा है. अब वो दिन दूर नहीं जब चांद पर आशियाना बनाने की बात करने वाला इंसान मंगल ग्रह पर अपनी धाक जमाएगा. मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है. इससे वहां अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना मिली है.(फोटो साभार: Reuters)

 

2/6

Liquid water found on Mars-2

Liquid water found on Mars-2

अमेरिकी जर्नल ‘साइंस’ में प्रकाशित रिसर्च में खोजकर्ताओं ने दावा किया कि मार्सियन हिम खण्ड के नीचे अवस्थित झील 20 किलोमीटर चौड़ी है. यह मंगल ग्रह पर पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जल निकाय है. (फोटो साभार: Reuters)

3/6

Liquid water found on Mars-3

Liquid water found on Mars-3

ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने कहा इसे शानदार उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं खुलती हैं. (फोटो साभार: NASA)

4/6

Liquid water found on Mars-4

Liquid water found on Mars-4

बता दें कि इससे पहले हुए शोध में वैज्ञानिकों ने मंगल के धरातल पर कुछ तरह पदार्थ की खोज थी, लेकिन यह पहला ऐसा मौका है जब मंगल पर जल का प्रमाण मिला हो. (फोटो साभार: NASA)

5/6

Liquid water found on Mars-5

Liquid water found on Mars-5

इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की कि मंगल पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले थे, जो इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि मंगल ग्रह पर किसी वक्त जीवन रहा होगा. (फोटो साभार: Reuters)

 

6/6

Liquid water found on Mars-6

Liquid water found on Mars-6

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2017 में खबरें आई थी कि मंगल की यात्रा आम जनता भी कर सकेगी, इसके लिए 1 लाख 38 हजार 899 भारतीयों ने फ्लाइट की टिकट बुक कराई थी. इन सभी लोगों ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के 'इनसाइट मिशन' (इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूसिंग सिस्मिक इंवेस्टीगेशन्स, जीओडेसी एंड हीट ट्रांसपोर्ट) के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराया था.