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चांदी की अंगीठी में अलाव सेंक रहे द्वारिकाधीश, ठंड से बचाने के लिए लोगों ने पहनाएं गरम कपड़े

भगवान द्वारकाधीश को भी ठंड से बचने के लिए भक्तों द्वारा गरम वस्त्र पहनाए गए हैं. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Dec 25, 2018, 13:41 PM IST

नई दिल्ली/द्वारका, (राजू रूपारेलिया, निर्मल त्रिवेदी): ठंड में लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है. प्रख्यात यात्राधाम द्वारका में विराजमान भगवान द्वारकाधीश को कड़ाके की ठंड से बचने के लिए भक्तों द्वारा गरम वस्त्र पहनाए गए है. हाल ही में ठंड का मौसम चल रहा है, कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग गरम वस्त्रों का उपयोग करते है. ऐसे में भगवान द्वारकाधीश को भी ठंड से बचने के लिए भक्तों द्वारा गरम वस्त्र पहनाए गए हैं. 

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भगवान को न लगे सर्दी

Cold weather for God

जिस तरह से लोगों को सर्दी में बचने के लिए कुछ न कुछ उपाय करने पड़ते हैं, उसी तरह यात्रा धाम द्वारका में भगवान द्वारकाधीश के पुजारी द्वारा भगवान द्वारकाधीश को ठंड से बचाने के लिए चांदी कि सिगड़ी से गरमी दी जाती है और कहीं सारे उपाय किए जाते हैं. 

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भगवान के लिए जलती है सिगड़ी

Sigri burn for God

सुबह मंगला आरती के बाद चांदी की सिगड़ी में भगवान को गरमी दी जाती है. ठंड के समय भगवान के अभिषेक के लिए भी गरम पानी की इस्तेमाल किया जाता है, ताकि भगवान को ठंड न लगे. 

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भोग भी मौसम के हिसाब से

God taken Prasad by season

स्नान के बाद भगवान द्वारिकाधीश सेवा में सौभाग्य सुंठ राखी जाती है, जिसमे सुंठ, घी, गुड लौंग, दालचीनी, जावित्री, कस्तूरी, केसर, काली मूसली, सफेद मूसली, बादाम, पिस्ता, काजू जैसी चीजे ठाकुर जी को अर्पण की जाती है.  

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रोज पहनते हैं नए गरम कपड़े

Wear everyday new warm clothes

रोज भगवान को नई गरम शॉल और सोने के समय पर गरम कपड़े पहनाए जाते हैं. उसी तरह संध्या के समय ठाकुरजी को गरम ऊन के कपड़े, शॉल, सिल्क रजाई सब चीजे पहनाकर सिगड़ी जलाई जाती है. आगामी बसंत पंचमी तक भगवान की पुजारियों द्वारा सेवा की जाती है.

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हिंदुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्‍थल

Religious places of Hindus

गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर हिंदुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्‍थल है. यहां पर भगवान द्वारकाधीश की पूजा की जाती है जिसका अर्थ है द्वारका का राजा. द्वापर युग में द्वारका भगवान कृष्‍ण की राजधानी थी. इस मंदिर में ध्वजा पूजन का विशेष महत्व है.