तमिलनाडु के पलोची में मारुती सुजुकी का 450वां ड्राइविंग स्कूल

मारुति ड्राइविंग स्कूल (MDS) में करीब 50 फीसदी महिलाएं ट्रेनिंग लेती हैं.

Jul 30, 2018, 23:43 PM IST

मारुति ड्राइविंग स्कूल (MDS) में करीब 50 फीसदी महिलाएं ट्रेनिंग लेती हैं.

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Maruti Suzuki driving school

Maruti Suzuki driving school

मारुती सुजुकी वर्तमान में भारत में देश की सबसे बड़ी कार मेकर कंपनी है. कंपनी ने तमिलनाडु के पलोची में देश का 450वां मारुति ड्राइविंग स्कूल (MDS) खोला है. पूरे देश के 212 शहरों में मारुति ड्राइविंग स्कूल का जाल बिछा हुआ है. पिछले पांच सालों में इन स्कूलों से करीब 5.3 लाख लोगों को गाड़ी चलाने की ट्रेनिंग दी गई है. इनमें से करीब 46 फीसदी महिलाएं हैं.

 

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Maruti Suzuki RS Kalsi

Maruti Suzuki RS Kalsi

ड्राइविंग स्किल प्रोग्राम की शुरुआत कंपनी की तरफ से 2005 में की गई थी. 2005 से अब तक मारुती ड्राइविंग स्कूल में करीब 10 लाख लोगों को ड्राइविंग सिखाई गई है. इस मौके पर मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरएस कलसी ने कहा कि हर साल सड़क हादसे में 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है. ज्यादातर हादसे चालक की गलती की वजह से होते हैं. ऐसे में, वैज्ञानिक रूप से डिजाइन ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए हादसों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

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Maruti Suzuki training school

Maruti Suzuki training school

कलसी ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2020 तक अपने स्कूलों के जरिए 15 लाख लोगों को ड्राइविंग की ट्रेनिंग देना है. उन्होंने कहा कि MDS में हम भारतीय सड़कों की हालत, परिस्थितियों और ट्रैफिक नियमों के हिसाब से ट्रेनिंग देते हैं. उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से ट्रेन किया जाता है.

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Maruti Suzuki dealer

Maruti Suzuki dealer

मारुति ड्राइविंग स्कूल का संचालन कंपनी के स्थानीय डीलरों की मदद से किया जाता है. हम स्किल लोगों को इस काम में लगाते हैं, ताकि वे सीखने वालों को भारतीय सड़कों के बारे में और ड्राइविंग पैटर्न के बारे में बेहतर जानकारी दे सकें.

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Maruti Suzuki IDTRs institute

Maruti Suzuki IDTRs institute

ट्रेनिंग के दौरान क्लासरूम में ट्रेनिंग के स्किल बताए जाते हैं. नियमों से अवगत करवाया जाता है. ड्राइविंग स्कूलों के अलावा मारुती सुजुकी की तरफ से 7 ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (IDTRs) चलाए जाते हैं. IDTRs का संचालन राज्य सरकारों की मदद से किया जा रहा है.