हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं ये कारीगर, पूरी तल्लीनता से बना रहे हैं कान्हा की मूर्तियां

अलीगढ़ में इस हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं मुस्लिम कारीगर जो खुद अपने हाथों से विभिन्न आकारों और रूपों में सुंदर-सुंदर मूर्तियां बना रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Sep 03, 2018, 13:58 PM IST

खालिद मुस्तफा, अलीगढ़: जन्माष्टमी की धूम पूरे देश में छाई है. उत्तर प्रदेश में भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास छाया हुआ है. इसी बीच प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई जो हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रही है. अलीगढ़ में इस हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं मुस्लिम कारीगर जो खुद अपने हाथों से विभिन्न आकारों और रूपों में सुंदर-सुंदर मूर्तियां बना रहे हैं.

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विदेशों में भी है मांग

Muslims are making brass sculptures

आपको बता दें कि अलीगढ़ में बनी कान्हा की मूर्तियों की मांग विदेशों तक है. अलीगढ़ में 20 सालों से करीब पांच सौ मुस्लिम परिवार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं. इस रिवाज को आगे बढ़ाते हुए इस साल भी जन्माष्टमी के मौके पर खास राधा-कृष्ण की मूर्ति बनाई जा रही है. खास बात यह है कि मूर्ति बनाने के काम में हिन्दू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग काम मरते हैं.

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मची हुई है जन्माष्टमी की धूम

Muslims are making brass sculptures

अलीगढ़ में भी श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. घर-घर में सजाए जाने वाले हिंडोले को लेकर की जा रही खरीदारी से बाजार दमक रहे हैं. रेलवे रोड, महावीरगंज बर्तन बाजार में बनारस के पालना आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. अपने कान्हा को झुलाने के लिए यहां खरीदारी की जा रही है. तो वहीं राधा कृष्ण की मूर्तियां तैयार करने वाले हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम कर रहे हैं.

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पिछले कई सालों से लगे हैं इसी काम में

Muslims are making brass sculptures

मोहम्मद शाहिद ने बताया कि हम लोगों को एक साथ काम करते हुए 15 से 20 साल हो चुके हैं. लेकिन कभी भी हिन्दू, मुस्लिम, जैसी कोई बात नहीं हुई. एक साथ खाना खाते हैं, एक साथ काम करते हैं. हमारे मालिक भी हिन्दू हैं. लेकिन, हमें कभी महसूस नहीं हुआ कि वे हिन्दू हैं. उनका बर्ताव बहुत अच्छा है. उनके दिल में हिन्दू-मुस्लिम सब एक ही हैं. हम किसी हिन्दू की कंपनी में काम करते हैं, उनके लिए हम मूर्तियां बनाते हैं. ये अनोखी मिसाल यहीं पर मिलेगी. आज कल लड्डू कन्हैया की डिमांड है. वही बना रहे हैं.

 

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घर के लोग भी इसी काम में लगे हैं

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वहीं दूसरे मुस्लिम कारीगर शादाब भी नजर आए. उनका काम मुर्ति की रेताई से लेकर ढलाई और फिनिशिंग तक है. काम करने वाले मुस्लिम कारीगर बीते 15 से 20 सालों से पीतल की राधा कृष्ण की मूर्तियां बना रहे हैं. खास बात ये है कि उनके इस काम में उनके घर के लोग भी लगे हुए हैं. अब यही उनका व्यवसाय बन गया है.

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सब मिलकर करते हैं काम

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पीतल की राधा-कृष्ण की मूर्तियों के अलावा अन्य हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति भी बनाते हैं. मूर्ति की ढलाई से लेकर उसकी रेताई तक उसकी पॉलिश करना, उसका पहनावा क्या होगा, उसकी भी मुस्लिम कारीगरों को बख़ूबी समझ है. हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसालें देखने को कम मिलती हैं. लेकिन, समाज में रहने वाले लोग हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल हैं. एक साथ काम करने में इन लोगों को खुशी मिलती है. न कोई बैर और न कोई हिचकिचाहट, सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

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धर्म से ऊपर है कर्म

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अलीगढ़ में दो और तीन सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों की तैयारियां जोरों से चल रही हैं. ये लोग पीतल की राधा-कृष्ण की मूर्तियों के अलावा अन्य हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति भी बनाते हैं. मुस्लिम कारीगरों ने ये साबित कर दिया है कि कर्म किसी भी धर्म को नहीं मानता.

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अमेरिका में भी पूजे जाएंगे अलीगढ़ में बने श्रीकृष्ण

Muslims are making brass sculptures

भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के मौके पर दुनियाभर में मनाई जाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी इस बार तीन सितंबर को मनाई जानी है. अलीगढ़ के मुस्लिम कारीगर 20 साल से पीतल की मूर्ति निर्माण से जुड़े हैं. भगवान श्रीकृष्ण से उनका विशेष लगाव है. मुस्लिम कारीगरों के हाथ से तैयार श्रीकृष्ण अमेरिका में भी पूजे जाएंगे. 

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500 मुस्लिम परिवार इस काम से जुड़े

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अलीगढ़ में पीतल मूर्ति निर्माण से 500 मुस्लिम परिवार जुड़े हैं. इन कारीगरों को भगवान के पहनावे, श्रृंगार व अन्य कलात्मक गहनों की जानकारी है. बाजार के साथ विदेशों में श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण की जोड़ी, नटराज, लड्डू गोपाल की मांग बढ़ गई है. विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर अन्य वर्षों की अपेक्षा ठीक है. कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है.

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जन्माष्टमी पर मिले अच्छे ऑर्डर

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विदेशों में भी कृष्ण भगवान की मान्यता है. जन्माष्टमी से पहले ऑर्डर अच्छे मिल रहे हैं. महंगाई पर आस्था भारी रहेगी. निर्यातक का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण सबकुछ हैं. मुस्लिम कारीगर ने कहा कि इसी कारोबार से रोज़ी-रोटी चलती है. शिल्पकार चमन बताते हैं कि जन्माष्टमी पर काम बढ़ जाता है. अब फुर्सत नहीं मिलेगी. लड्डू गोपाल, नटराज, राधा-कृष्ण की मांग है. अभी और अच्छे ऑर्डर मिल सकते हैं.