PHOTOS: अपनी बात को मजबूती से कहने वाला मुकम्मल इंसान हैं नसीरूद्दीन शाह, जानिए कुछ खास बातें...

उन्होंने हर तरह की भूमिकाओं को इतनी खूबसूरती से रंगमंच और रूपहले पर्दे पर उतारा है

ऋतु त्रिपाठी | Dec 30, 2018, 15:54 PM IST

नई दिल्ली: बॉलीवुड के व्यवसायिक और समानान्तर सिनेमा में समान रूप से सफल सशक्त अभिनेता नसीरूद्दीन शाह ने जीवन के हर क्षेत्र से जुड़े किरदारों को तो पर्दे पर उतारा है. लेकिन हाल ही में एक घटना पर अपनी बेबाक राय जाहिर करके यह साबित करने की कोशिश की है कि वह दूसरों के लिखे संवादों को भावपूर्ण तरीके से अदा करने वाले कलाकार होने के साथ ही देश और समाज के हालात पर अपनी मुख्तलिफ़ राय रखते हैं. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर अपनी बात कहने का हक भी रखते हैं. नसीरूद्दीन अपने आप में अभिनय की मुकम्मल किताब हैं. उन्होंने हर तरह की भूमिकाओं को इतनी खूबसूरती से रंगमंच और रूपहले पर्दे पर उतारा है कि उन्हें उनके चमकदार करियर के दौरान राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से लेकर पद्म श्री और पद्म विभूषण जैसे शीर्ष पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और तीन फिल्म फेयर पुरस्कार के अलावा छोटे बड़े बहुत से अवार्ड उनके अभिनय के आसमान पर सितारों की तरह चमक रहे हैं.

 

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नसीरुद्दीन शाह

Naseeruddin shah

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में अली मोहम्मद शाह और फरूख सुलतान के तीन पुत्रों में से एक नसीर ने सेंट अंसेल्म स्कूल अजमेर से शुरूआती शिक्षा ग्रहण करने के बाद नैनीताल के सेंट जोसेफ कालेज से आगे की पढ़ाई की और 1971 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण की.

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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में पढ़े

NSD

उनके भीतर अभिनय की तासीर उन्हें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और फिर फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान ले गई, जहां उनके भीतर के कलाकार को एक सशक्त अभिनेता के रूप में आकार लेने का मौका मिला और अभिनय की दुनिया में आने का अपना फैसला सही लगने लगा.

 

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पत्नी रत्ना पाठक के साथ

With Ratna pathak

यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि नसीरूद्दीन शाह के पिता उनके अभिनय की दुनिया में जाने के हक में नहीं थे और इसी बात को लेकर अपने पिता से उनके रिश्ते तल्ख बने रहे. सपनों की नगरी में भाग्य आजमाने पहुंचे नसीर को संघर्ष के दिनों ने मजबूत बने रहने का हौंसला दिया. अपनी आत्मकथा ‘ऐंड देन वन डे’ में नसीर ने इस बात को बड़ी बेबाकी से स्वीकार किया है. वह लिखते हैं, 'मेरे लिए मेरे पिता के सपने धीरे-धीरे ध्वस्त हो रहे थे. मैं अपने सपनों पर भरोसा करने लगा था.' 

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हीबा शाह

Heeba Shah

नसीर की बड़ी बेटी हीबा शाह भी सामाजिक कार्यक्रमों में काफी एक्टिव रहती हैं.

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नसीर के बेटे

Son of naseer

इसके अलावा उन्होंने अपनी इस किताब में अपनी जिंदगी के कई ऐसे पन्नों को भी खोला है, जिनके बारे में उनके अलावा शायद किसी को नहीं पता था. उन्होंने इसमें अभिनय के सफर के दौरान मिली कामयाबी और नाकामयाबी के साथ ही अपने पहले प्यार, पहली शादी और पहली बेटी के साथ अपने रिश्तों को बड़ी ईमानदारी से जगह दी है.

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जाने भी दो यारो

bast film

नसीरूद्दीन शाह की पहली शादी मनारा सीकरी से हुई थी, जिनसे उनकी एक बेटी हीबा शाह है. पहली पत्‍नी की मृत्‍यु के बाद उन्‍होंने रत्‍ना पाठक से शादी कर ली. इन दोनों के दो पुत्र इमाद और विवान हैं.

 

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पुरानी तस्वीरें

old look

1975 में श्याम बेनेगल की फिल्म ‘निशांत’ से नसीरूद्दीन शाह ने रूपहले पर्दे पर कदम रखा और उसके बाद कई फिल्मों में इतना स्वाभाविक अभिनय किया कि उनके प्रशंसकों की तादाद लगातार बढ़ती रही. इस दौरान उन्होंने निशांत, आक्रोश, स्पर्श, मिर्च मसाला, अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है, मंडी, जुनून, मोहन जोशी हाजिर हो और अर्थ सहित बहुत सी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया.

 

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नसीरुद्दीन शाह और पत्नी रत्ना पाठक

naseeruddin shah Ratna pathak shah

1980 में आई फिल्म ‘हम पांच’ से मुख्य धारा सिनेमा में नसीरुद्दीन शाह के सफर की शुरुआत हुई. समानांतर सिनेमा के मंझे हुए अभिनता ने एक गांव में विद्रोह की आवाज उठाने वाले नौजवान के किरदार को बेहद संजीदगी से निभाया.

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स्मिता पाटिल के साथ

with Smita patil

इसके बाद आई तमाम फिल्में उनके अभिनय को निखारती चली गईं और वह समानांतर सिनेमा के साथ ही व्यावसायिक सिनेमा के भी बेहतरीन फनकार बनकर उभरे.