30 साल पुराने रोडरेज मामले में बढ़ सकती हैं सिद्धू की मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में सौंपे गए नए सबूत

जी न्यूज की इस खास पेशकश में आप अपने शहरों की कुछ चुनिंदा और खास खबरें हिन्दी में बस एक क्लिक में पढ़ सकते हैं.

Apr 07, 2018, 11:37 AM IST

नई दिल्ली: अपने NRI पाठकों के लिए ZEE News Hindi ने एक नई शुरुआत की है. जी न्यूज की इस खास पेशकश में आप अपने शहरों की कुछ चुनिंदा और खास खबरें हिन्दी में बस एक क्लिक में पढ़ सकते हैं.

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चंडीगढ़: दैनिक जागरण के चंडीगढ़ संस्करण में छपी एक खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में चल रहे 1988 के रोड रेज के एक मामले में स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक नई याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि साल 2010 में एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में सिद्धू ने यह माना था कि उनसे गलती हुई है. खबर में बताया गया है कि 1988 में पटियाला में गुरनाम सिंह नाम के व्यक्ति के साथ सिद्धू का झगड़ा हो गया था. परिवार का कहना है कि इस झगड़े में सिद्धू ने गुरनाम को मुक्का मारा, जिससे उनकी मौत हो गई. खबर के मुताबिक परिवार ने सबूत के तौर तक इंटरव्यू की सीडी और यू-ट्यूब लिंक दोनों सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिए हैं. खबर में दावा किया गया है कि इस बीच शिरोमणि अकाली दल ने मांग की है कि सिद्धू को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए, क्योंकि अब सिद्धू खुद ही यह मान चुके हैं कि उनकी गलती के कारण गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी.

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जयपुर: दैनिक भास्कर के जयपुर संस्करण में प्रमुखता के साथ पहले पन्ने पर छापी गई एक खबर के मुताबिक राजस्थान में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा के प्रावधान का बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है. खबर में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इस पर राज्यपाल के हस्ताक्षर होंगे. इसके बाद ही यह कानून प्रदेश में लागू हो सकेगा. खबर में बताया गया है कि राज्य विधानसभा ने गत दिनों इस ऐतिहासिक बिल को पारित किया था. राज्य के विधि एवं विधिक कार्य विभाग ने बिल को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है. जहां से यह राष्ट्रपति के पास जाएगा. खबर के मुताबिक राज्य सरकार ने दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक-2018 में 2 संशोधन किए हैं. इसमें 12 साल तक की बालिका से दुष्कर्म अथवा सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा दिए जाने का प्रावधान होगा.

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ग्रेटर नोएडा: हिन्दुस्तान अखबार के पहले पन्ने पर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई एक खबर के मुताबिक दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक हाई स्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है. खबर में बताया गया है कि यमुना प्राधिकरण और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की बैठक में शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई है. खबर के मुताबिक दिल्ली से अलवर, मेरठ और पानीपत के लिए प्रस्तावित हाई स्पीड ट्रेन से इसे जोड़ा जाएगा. सराय काले खां में इसका जंक्शन होगा. खबर में दावा किया गया है कि जेवर एयरपोर्ट को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट से जोड़ने के लिए यमुना प्राधिकरण ने यह कवायद शुरू की है. यमुना प्राधिकरण ने एनसीआरटीसी अफसरों से कहा कि वह फिजबिलिटी रिपोर्ट तैयार करें. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी. खबर में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के हवाले से बताया गया है कि हाईस्पीड ट्रेन के लिए फिजबिलिटी रिपोर्ट तीन महीने में तैयार हो जाएगी.

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मोगा: अमर उजाला के शनिवार के अंक में पहले पन्ने पर छपी एक खबर के मुताबिक पंजाब के मोगा जिले में जब सेशन कोर्ट ने एक रेप आरोपी को सात की सजा सुनाई तो उसे वहीं हार्ट अटैक आ गया और उसने दम तोड़ दिया. खबर के मुताबिक एडिशनल जिला एवं सेशन जज की अदालत ने नाबालिग से दुराचार के दोषी को शुक्रवार को जैसे ही सात साल की सजा सुनाई तो वह घबरा गया. जिसके पांच मिनट बाद ही कोर्ट परिसर में उसे दिल का दौरा पड़ गया और उसने दम तोड़ दिया. खबर में बताया गया है कि थाना अजीतवाल पुलिस ने वर्ष 2014 में गांव चूहड़चक के रहने वाले डेयरी फार्म संचालक जसबीर सिंह उर्फ काला (50) के खिलाफ नौकरानी की नाबालिग बेटी से दुराचार के आरोप में केस दर्ज किया था. खबर के मुताबिक इस केस की सुनवाई एडिशनल जिला एवं सेशन जज लखविंदर कौर दुग्गल की अदालत में चल रही थी.

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न्यू जर्सी: बच्चों के लिए उत्पाद बनाने वाली कम्पनी जॉन्सन ऐंड जॉन्सन अपने पाउडर से कैंसर न होने के दावे का केस हार गई है. नवभारत टाइम्स ने अपने लखनऊ संस्करण के शनिवार के अंक में इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. खबर में बताया गया है कि अदालत ने कम्पनी से पीड़ित को 3 करोड़ 70 लाख डॉलर का हर्जाना देने को कहा है. खबर के मुताबिक न्यू जर्सी के स्टीफन लांजो ने केस फाइल कर कहा था कि 1972 में जन्म होने के बाद से ही उन्होंने जॉन्सन ऐंड जॉन्सन के उत्पाद 'शॉवर टु शॉवर' व 'बेबी पाउडर' का इस्तेमाल किया था. खबर में आगे इस बात का जिक्र है कि लांजो का दावा था कि पाउडर का इस्तेमाल करने के कारण उसे मेसोथेलिमिया (जानलेवा कैंसर) हो गया. यह रोग एस्बेस्टस नामक पदार्थ की पाउडर में मौजूदगी से होता है. खबर के मुताबिक अदालत ने कम्पनी से कहा है कि वह स्टीफन और उसकी पत्नी को तीन करोड़ 70 लाख डॉलर का हर्जाना दे.